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Coal India PSU Stock: चौथी तिमाही (Q4FY26) के नतीजों के बाद महारत्न कंपनी कोल इंडिया (Coal India) के स्टॉक में मंगलवार को 4.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। तिमाही के दौरान कंपनी का मुनाफा 11 फीसदी उछला और रेवेन्यू भी 5 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि कंपनी की नतीजे बेहतर रहे और आउटलुक पॉजिटिव है। कंपनी ने बोर्ड ने शेयरधारकों को 5.25 फीसदी प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड देने का भी ऐलान किया है। इससे निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने कोल इंडिया (CIL) पर BUY की सलाह दी है। साथ ही प्रति शेयर टारगेट प्राइस ₹530 रुपये रखा है। सोमवार (27 अप्रैल) को शेयर 452 पर बंद हुआ था। इस तरह मौजूदा भाव से स्टॉक में आगे करीब 17 फीसदी का अपसाइड देखने को मिल सकता है।
कोल इंडिया के परफॉर्मेंस की बात करें, तो बीते एक साल में शेयर करीब 5 फीसदी उछला है। जबकि इस साल अबतक स्टॉक में 16 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न रहा है। स्टॉक अपने 52 हफ्ते के हाई (475.95) के करीब ट्रेड कर रहा है। BSE पर कंपनी का मार्केट कैप 2.86 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
Motilal Oswal का कहना है कि Coal India का Q4FY26 में प्रदर्शन कई मायनों में मजबूत रहा। रेवेन्यू ₹46500 करोड़ (सालाना 6% और तिमाही 10% बढ़त) दर्ज किया गया। कामकाजी मुनाफा (EBITDA) अनुमान से बेहतर ₹12,300 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA प्रति टन ₹620 (YoY 10% और QoQ 16% बढ़त) और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹10,800 करोड़ (अनुमान ₹9,100 करोड़ से काफी ज्यादा) रहा। मुनाफे में यह बढ़त बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन और ₹5100 करोड़ की मजबूत अन्य आय के चलते रही।
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के प्रोडक्शन और बिक्री में सुधार रहा। प्रोडक्शन 239 मिलियन टन (QoQ 19% बढ़त) ऑफटेक (बिक्री) 199 मिलियन टन (QoQ 6% बढ़त) रहा। हालांकि सालाना आधार पर उत्पादन और बिक्री में मामूली गिरावट देखने को मिली। कंपनी को ई-ऑक्शन से सपोर्ट मिला। ई-ऑक्शन प्रीमियम 36% रहा, जबकि कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी करीब 14% रही। पिछले साल के मुकाबले प्रीमियम कम हुआ, लेकिन वॉल्यूम बढ़ने से कंपनी को
ब्रोकरेज का कहना है कि FY26-28 के बीच 4% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है। EBITDA में 12% CAGR की उम्मीद है। आने वाले वर्षों में वॉल्यूम ग्रोथ और ई-ऑक्शन प्रीमियम कंपनी के मार्जिन को सहारा देंगे।
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने कोल इंडिया पर ADD की राय दी है। टारगेट प्राइस ₹475 प्रति शेयर रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के Q4 नतीजे मिलेजुले रहे। कंपनी का EBITDA (OBR खर्च को छोड़कर) ₹12,330 करोड़ रहा, जो अनुमान के मुताबिक था, जबकि शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹10,800 करोड़ रहा, जो उम्मीद से बेहतर है। मुनाफे में बढ़त की वजह कर्मचारी लागत में तिमाही आधार पर 12.8% की कमी रही, क्योंकि पिछली तिमाही में वेतन संशोधन का एकमुश्त असर था। इस दौरान प्रति शेयर आय (EPS) ₹17.6 रही और कंपनी की नेट कैश स्थिति सालाना आधार पर 53% बढ़ी।
हालांकि, रियलाइजेशन में नरमी बनी रही, जिससे पूरे वित्त वर्ष 2026 में औसत रियलाइजेशन में करीब 1% की गिरावट आई। इसके बावजूद उत्पादन और ऑफटेक में तिमाही आधार पर सुधार देखने को मिला। ई-ऑक्शन प्रीमियम Q4 में तिमाही आधार पर घटा, जिसका कारण रिजर्व प्राइस में कमी रही, जबकि वैश्विक कोयला बाजार मजबूत बना रहा। आगे के लिए अनुमान है कि ई-ऑक्शन प्रीमियम लगभग 55% के आसपास बना रह सकता है।
ब्रोकरेज के मुताबिक FY27-28 के दौरान कंपनी के वॉल्यूम में करीब 6% की सालाना वृद्धि (CAGR) हो सकती है, जो करीब 7% की बिजली मांग वृद्धि और इंडोनेशिया से कम सप्लाई के चलते संभव है।
महारत्न पीएसयू कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मुनाफा 11% (YoY) बढ़कर ₹10,839 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹9,751 करोड़ रहा था। चौथी तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹46,490 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY25 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹43,961 करोड़ रहा था। कंपनी के ऑपरेशन से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू यानी आय में सालाना आधार पर 5.75% की बढ़ोतरी है।
Q4FY26 में कंपनी का उत्पादन 239 मिलियन टन रहा, जो सालाना आधार पर 1% बढ़ा और तिमाही आधार पर 19% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। वहीं, ऑफटेक (बिक्री) 199 मिलियन टन रहा, जिसमें सालाना आधार पर 1% की हल्की गिरावट आई, लेकिन तिमाही आधार पर 6% की बढ़त देखने को मिली।
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 5.25 रुपये का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। FY26 के लिए कुल डिविडेंड ₹26.75 प्रति शेयर रहा। बता दें, लाभांश वह रकम होती है, जो कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को देती हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर में खरीदारी की सलाह ब्रोकरेज हाउस ने दी है। ये बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी के विचार नहीं हैं। बाजार में निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)