शेयर बाजारों ने उन छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) को दी गई ‘सैद्धांतिक मंजूरी’ की वैधता बढ़ा दी है, जो अपना आईपीओ लाने की योजना बना रहे हैं। यह कदम, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा मेनबोर्ड श्रेणी यानी मुख्य निर्गमों के लिए दी गई इसी तरह की छूट के बाद उठाया गया है।
एक्सचेंजों ने बताया कि संशोधित ढांचे के तहत, जिन एसएमई की सूचीबद्धता मंजूरी 1 अप्रैल से खत्म होने वाली थी, उन्हें एक बार विस्तार मिलेगा। उन्हें सितंबर 2026 तक का समय मिलेगा।
इस मोहलत का लाभ उठाने वाली कंपनियों को अपने ऑफर दस्तावेज दाखिल करते समय सेबी के ‘पूंजी जारी करने और खुलासा जरूरतों’(आईसीडीआर) नियमन के अनुपालन की पुष्टि के लिए हलफनामा देना होगा।
इससे पहले, सेबी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में समाप्त हो रही अपनी टिप्पणियों की वैधता बढ़ाई थी और मेनबोर्ड श्रेणी के तहत आईपीओ लाने वाली कंपनियों को इसी तरह की राहत दी थी। यह कदम वैश्विक अस्थिरता के बीच पूंजी जुटाने में आने वाली चुनौतियों को लेकर बाजार कारोबारियों की चिंताओं को देखते हुए उठाया गया था।