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SBI का मुनाफा 5.58% बढ़ा, गैर-ब्याज आय में गिरावट से दबाव; शेयर 6.6% लुढ़का

पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए एसबीआई का शुद्ध लाभ 80,032 करोड़ रुपये की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया जो एक साल पहले के मुकाबले 12.9 फीसदी अधिक है

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सुब्रत पांडा   
Last Updated- May 08, 2026 | 10:23 PM IST

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में महज 5.58 फीसदी बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से गैर-ब्याज आय में गिरावट से मुनाफे पर असर पड़ा। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के मुकाबले एसबीआई के शुद्ध लाभ में 6.39 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए एसबीआई का शुद्ध लाभ 80,032 करोड़ रुपये की सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच गया जो एक साल पहले के मुकाबले 12.9 फीसदी अधिक है।

तिमाही के दौरान बैंक की गैर-ब्याज आय एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 29 फीसदी घटकर 17,314 करोड़ रुपये रह गई। इसकी मुख्य वजह निवेश बिक्री मद में 1,471 करोड़ रुपये का घाटा है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,879 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। बैंक ने 100 करोड़ रुपये का मार्क टु मार्केट (एमटीएम) घाटा भी दर्ज किया।

यह घाटा तब हुआ जब भारतीय रिजर्व बैंक ने मार्च के अंत में ऑनशोर रुपया डेरिवेटिव के लिए नेट ओपन पोजीशन (एनओपी) की सीमा 10 करोड़ डॉलर तय कर दी और इसके अनुपालन के लिए 10 अप्रैल, 2026 की समय सीमा निर्धारित कर दी। मगर एनओपी नियमों के कारण वास्तविक घाटा 57 करोड़ रुपये रहा जिसे वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दर्ज किया जाएगा। एसबीआई की नेट ओपन बुक 5 अरब डॉलर से अधिक थी।

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तिमाही के दौरान सकल ऋण में 16.9 फीसदी की वृद्धि के बावजूद शुद्ध ब्याज आय 4.1 फीसदी बढ़कर 44,380 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) भी एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 3 फीसदी घटकर और एक तिमाही पहले के मुकाबले 18 आधार अंक घटकर 2.93 फीसदी रह गया। नतीजे जारी होने के बाद बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर बैंक का शेयर 6.62 फीसदी की गिरावट के साथ 1,019.55 रुपये पर बंद हुआ।

एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी के अनुसार, एनआईएम में गिरावट का मुख्य कारण दिसंबर में हुई ब्याज दर में कटौती है जिसे पहले बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी ब्याज दर (ईबीएलआर) में पूरी तरह से शामिल नहीं किया गया था। उसका असर मार्च तिमाही में दिखा। 

चालू वित्त वर्ष के लिए एसबीआई ने 3 फीसदी एनआईएम का अनुमान जाहिर किया है। वित्त वर्ष 2026 के लिए घरेलू एनआईएम 3.03 फीसदी रहा। शेट्टी ने कहा, ‘जमा ब्याज दर के मामले में भी मुझे नहीं लगता कि दरों में और कटौती की गुंजाइश है क्योंकि अगर ऋण वृद्धि 13 से 15 फीसदी पर बनी रहती है तो मुझे नहीं लगता कि बैंकिंग प्रणाली में कोई भी जमा दरों में और कटौती करने की स्थिति में होगा।’

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बैंक का ऋण नुकसान के लिए प्रावधान एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 21 फीसदी और एक तिमाही पहले के मुकाबले 2.34 फीसदी घटकर 3,140 करोड़ रुपये रहा गया। बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ और सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) अनुपात एक तिमाही पहले के मुकाबले 8 आधार अंक घटकर 1.49 फीसदी रह गया। शुद्ध एनपीए 0.39 फीसदी पर स्थिर रहा। तिमाही के दौरान बैंक के ऋण में एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 17 फीसदी की वृद्धि हुई। 

First Published : May 8, 2026 | 10:17 PM IST