आरईएल की पूर्व कार्यकारी चेयरपर्सन रश्मि सलूजा (फाइल फोटो)
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) की पूर्व कार्यकारी चेयरपर्सन रश्मि सलूजा को कथित भेदिया कारोबार के एक मामले में करीब 2 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लौटाने का निर्देश दिया है। उसने उन पर लगभग 40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला उन सौदों से जुड़ा है, जो बर्मन समूह की 25 सितंबर, 2023 को आरईएल के आम शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर की घोषणा से पहले किए गए थे।
सेबी ने आरोप लगाया कि सलूजा ने 21 और 22 सितंबर, 2023 को आरईएल के शेयर तब बेचे, जब उनके पास आने वाले ओपन ऑफर से जुड़ी अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (यूपीएसआई) थी। नियामक ने नवंबर 2023 में बर्मन समूह से ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू की। इसमें सलूजा के सौदों की जांच की मांग की गई थी।
सेबी के अनुसार सलूजा 25 अगस्त और 20 सितंबर, 2023 को बर्मन समूह के प्रतिनिधि अर्जुन लांबा से मिलीं। समूह ने दावा किया कि 20 सितंबर की बैठक के दौरान सलूजा को प्रस्तावित ओपन ऑफर के बारे में बताया गया था। हालांकि सलूजा ने जोर देकर कहा कि उन्हें ओपन ऑफर के बारे में 25 सितंबर, 2023 को ही पता चला, जब इस सौदे की खबरें सामने आईं। सेबी ने पाया कि सार्वजनिक घोषणा के बाद लांबा के साथ अपनी बातचीत में सलूजा ने कोई हैरानी नहीं दिखाई थी।