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म्युचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स और निवेश सलाहकार तंत्र को मजबूत बनाएगा सेबी

बाजार नियामक डिजिटल प्लेटफॉर्म- सेबी सेतु- भी शुरू कर रहा है, जो निवेश सलाहकारों को आसान, शुरू से आखिर तक नियामकीय मार्गदर्शन और अनुपालन समर्थन देगा

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खुशबू तिवारी   
Last Updated- March 16, 2026 | 10:36 PM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्युचुअल फंड वितरकों (एमएफडी) को नियंत्रित करने वाले नियामकीय ढांचे की समीक्षा करने के लिए एक कार्य समूह बनाया है। यह समूह इन वितरकों और निवेश सलाहकारों (आईए) के बीच ओवरलैप दूर करने के उपाय भी सुझाएगा। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को यह जानकारी दी।

एआरआईए एस्पायर 2026 में बोलते हुए पांडेय ने कहा कि नियामक सभी मध्यस्थों के लिए कॉमन विज्ञापन संहिता पर भी काम कर रहा है, ताकि परिचालन से जुड़ी चुनौतियों को कम किया जा सके और निवेशकों के साथ संवाद में ज्यादा निरंतरता आ सके। बाजार नियामक डिजिटल प्लेटफॉर्म- सेबी सेतु- भी शुरू कर रहा है, जो निवेश सलाहकारों को आसान, शुरू से आखिर तक नियामकीय मार्गदर्शन और अनुपालन समर्थन देगा।

नियमों का पालन आसान बनाने के दूसरे उपायों में सलाहकारों के लिए एक मानक और जुर्माने की हलकी व्यवस्था बनानान शामिल है। इसके अलावा निवेश सलाह से जुड़े सेल्स और दूसरे गैर-मुख्य कामों वालों लोगों के लिए नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) का आसान प्रमाणन मॉड्यूल भी लाया जा सकता है।

सेबी की ये घोषणाएं पंजीकृत निवेश सलाहकारों की घटती संख्या के बीच आई हैं। इस घटती संख्या को चेयरमैन ने चिंता का विषय बताया था। पांडेय ने कहा, ‘यह चिंता की बात है कि 2021 से पंजीकृत निवेश सलाहकारों की संख्या में कमी आई है। जैसे-जैसे भारत में निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, हमारे बाजारों को ज्यादा नियमन वाले सलाहकारों की जरूरत है।’

अभी भारत में लगभग 1,000 पंजीकृत निवेश सलाहकार हैं, जिनमें लगभग 470 व्यक्ति और 530 गैर-व्यक्तिगत संस्थाएं शामिल हैं। पांडेय ने एक व्यापक सांस्कृतिक चुनौती की ओर भी इशारा किया।

First Published : March 16, 2026 | 10:32 PM IST