FIIs: विदेशी निवेशकों ने मार्च महीने में भारतीय शेयर बाजार से भारी बिकवाली की है। उन्होंने घरेलू शेयर बाजारों से बीते महीने में करीब 1.14 लाख करोड़ रुपये के निकाले। हाल के समय में विदेशी निवेशकों की यह सबसे बड़ी मासिक बिकवाली है। इस निकासी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें प्रमुख कारण हैं।
अक्टूबर 2025 में हाई लेवल पर पहुंचने के बाद बाजार के वैल्यूएशन में लगातार गिरावट देखी गई, जो 2026 की शुरुआत तक जारी रही। यह गिरावट व्यापक बिकवाली का नतीजा है, जिसमें विदेशी निवेशकों की निकासी, पश्चिम एशिया में तनाव, रुपये की कमजोरी और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिखा।
एनएसई की रिपोर्ट के अनुसार, निफ्टी 50 का 12 महीने आगे का प्राइस अर्निंग रेश्यो 2025 के अंत में 21.5 गुना से घटकर 7 अप्रैल तक 18 गुना पर आ गया। इसके बाद इसमें हल्की रिकवरी हुई और 14 अप्रैल तक यह 18.7 गुना पर पहुंच गया, जो इसके लॉन्ग टर्म एवरेज से करीब 10 प्रतिशत ऊपर है। इसी तरह बुक वैल्यू के आधार पर भी करेक्शन देखा गया। यह रेश्यो एक तिमाही पहले 3.2 गुना से घटकर 2.8 गुना पर आ गया, जिससे लॉन्ग टर्म एवरेज 2.5 गुना के मुकाबले प्रीमियम घटकर करीब 11 प्रतिशत रह गया। मार्च 2026 तिमाही के लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के आधार पर, इन दस कंपनियों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Sammaan Capital: सम्मान कैपिटल में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 24.94 फीसदी से बढ़कर 46.21 प्रतिशत हो गई है।
MCX: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में विदेशो निवेशकों की हिस्सेदारी 20.64 फीसदी से बढ़कर 26.07 प्रतिशत हो गई है। कमोडिटी ट्रेडिंग में बढ़ती गतिविधि और मजबूत ग्रोथ आउटलुक ने निवेश आकर्षित किया।
Vishal Mega Mart: विशाल मेगा मार्ट के शेयर में विदेशी निवेशकों का स्टेक 15.52 फीसदी से बढ़कर 22.01 प्रतिशत पर पहुंच गया है। रिटेल सेक्टर में बढ़ती खपत और विस्तार योजनाओं के चलते इसमें दिलचस्पी बढ़ी है।
Home First Finance: एनबीएफसी स्टॉक में विदेषकों की हिस्सेदारी 40.82 प्रतिशत से बढ़कर 45.72 फीसदी हो गई है। हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में तेजी और स्थिर एसेट क्वालिटी इसका बड़ा कारण है।
APL Apollo Tubes: इसमें FII स्टेक 33.12 फीसदी से बढ़कर 37.52 प्रतिशत हो गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में मांग बढ़ने से कंपनी को फायदा मिल रहा है।
Aditya Birla Capital: आदित्य बिरला कैपिटल में हिस्सेदारी 5.15 फीसदी से बढ़कर 7.02 प्रतिशत हो गई है। फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में वैल्यूएशन और ग्रोथ की वजह से खरीदारी बढ़ी।
Aptus Value Housing Finance: इसमें एफआईआई का स्टेक 34.7 फीसदी से बढ़कर 37.6 प्रतिशत हो गया है।
Capri Global Capital: इसमें हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी से बढ़कर 27 प्रतिशत हो गई है। एमएसएमई और रिटेल लोन ग्रोथ पर फोकस के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
IndusInd Bank: विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 47.04 फीसदी से बढ़कर 49.41 प्रतिशत हो गई है। बैंकिंग सेक्टर में सुधार और बेहतर एसेट क्वालिटी ने इसे आकर्षक बनाया।
Suzlon Energy: इसमें हिस्सेदारी 22.34 फीसदी से मामूली बढ़कर 22.42 फीसदी हो गई है। रिन्यूएबल एनर्जी थीम पर लगातार निवेश एफआईआई के भरोसे को दिखाता है।