शेयर बाजार

Stock Market: 3 दिन की गिरावट थमी, सेंसेक्स 639 अंक उछला; रिलायंस-सन फार्मा ने दी बाजार को रफ्तार

सेंसेक्स 639 अंक चढ़कर 77,304 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी में 195 अंकों की बढ़ोतरी हुई

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सुन्दर सेतुरामन   
Last Updated- April 27, 2026 | 10:16 PM IST

शेयर बाजार में सोमवार को तेजी लौटी और इस तरह से लगातार तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इस तेज़ी की अगुआई रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में हुई बढ़त ने की। इसके अलावा, ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के प्रस्ताव की ख़बरों से भी बाजार का माहौल सकारात्मक हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स 639 अंक यानी 0.8 फीसदी की बढ़त के साथ 77,304 पर बंद हुआ। निफ्टी-50 में 195 अंकों का इजाफा हुआ और यह 24,093 पर टिका। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 6.6 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 468 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इस तेजी में ज्यादातर योगदान बड़ी कंपनियों का रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ में 2.9 फीसदी की बढ़त हुई, जिससे पिछले दो सत्रों में उसमें हुई गिरावट की भरपाई हो गई। सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ के शेयर में 7.03 फीसदी की जबरदस्त उछाल आई। यह जुलाई 2021 के बाद एक दिन में सबसे बड़ी बढ़त है। यह उछाल अमेरिकी फर्म ऑर्गेनॉन के अधिग्रहण की घोषणा के बाद हुई।

वैश्विक संकेतों ने इस सकारात्मक रफ्तार को और बढ़ाया। खबरों से संकेत मिला कि ईरान ने अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के बदले होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए अंतरिम व्यवस्था स्वीकार करने की इच्छा जताई है। इस प्रस्ताव में युद्धविराम को आगे बढ़ाना और अपने परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली चर्चाओं को टालना शामिल है।

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अभी भी जारी है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों की वजह से ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का अहम रास्ता है और इससे दुनिया की कुल आपूर्ति का करीब 5वां हिस्सा गुज़रता है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा, जिसमें 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए बड़ा जोखिम बनी हुई हैं, क्योंकि भारत तेल के लिए आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज़ में शोध प्रमुख (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, बाज़ारों में धीरे-धीरे ऊपर जाने का रुझान बने रहने की संभावना है। इसे समाधान की उम्मीदों, दुनिया भर से मिल रहे अच्छे संकेतों और कुछ खास शेयरों से जुड़े कारणों से सहारा मिलेगा औऱ भागीदारी बढ़ेगी। अक्षय ऊर्जा, धातु और खनन से जुड़े शेयर चर्चा में रह सकते हैं। इनके साथ ही, गर्मियों में बढ़ने वाली मांग से जुड़े सेक्टर जैसे एयर कंडीशनर, पंखे, शीतल पेय, बोतलबंद पानी और बिजली के सामान भी लोगों का ध्यान खींच सकते हैं।

व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 1.5 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.9 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी फार्मा इंडेक्स सबसे आगे रहा, जिसमें 2.6 फीसदी की बढ़त हुई। इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल का स्थान रहा, जिसमें 2.53 फीसदी का इजाफा हुआ।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.2 फीसदी की बढ़त हुई। हाल में सेक्टर की बड़ी कंपनियों के वृद्धि के कमजोर अनुमान जताने के कारण इसमें 5.3 फीसदी की गिरावट आई थी। बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत रहा, जहां 1,345 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 3,023 शेयरों में बढ़त दर्ज हुई।

पीएल कैपिटल के सलाहकार प्रमुख विक्रम कसात ने कहा, बाजार के बढ़त के साथ बंद होने के बावजूद आर्थिक माहौल अभी भी जटिल बना हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव लगातार तेजी को रोक सकते हैं। जहां मिड-और स्मॉलकैप में जोखिम लेने का नजरिया दिख रहा है, वहीं लार्जकैप संभवतः चौथी तिमाही की कमाई और वैश्विक आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट दूर होने पर नजर रखेंगे। अल्पावधि का दृष्टिकोण सतर्क मगर आशावाद वाला बना हुआ है।

First Published : April 27, 2026 | 9:53 PM IST