शेयर बाजार

अमेरिका-ईरान में शांति वार्ता की उम्मीद से बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1,264 अंक चढ़ा

बई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 9.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 458.5 लाख करोड़ रुपये रहा

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सुन्दर सेतुरामन   
Last Updated- April 15, 2026 | 10:40 PM IST

अमेरिका-ईरान के बीच दोबारा बातचीत शुरू होने के संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का हौसला बढ़ा जिससे शेयर बाजार में आज अच्छी तेजी देखी गई। बेंचमार्क सूचकांक एक महीने से ज्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए। सेंसेक्स 1,264 अंक या 1.6 फीसदी की बढ़त के साथ 78,111 पर बंद हुआ। निफ्टी 389 अंक चढ़कर 24,231 पर बंद हुआ।

दोनों सूचकांकों ने 8 अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे ऊंची छलांग लगाई और 10 मार्च के बाद के उच्चतम स्तर पर बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 9.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 458.5 लाख करोड़ रुपये रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है।

ब्रेंट क्रूड की कीमतें दो दिन पहले के 104 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से घटकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। तेल की कीमतों में यह गिरावट भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत है। तेल में नरमी अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से कूटनीतिक बातचीत की बढ़ती उम्मीदों के बीच आई है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मीडिया के अलग-अलग माध्यमों से बातचीत में संकेत दिया कि अगले दो दिनों के भीतर ईरान से बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और यह भी कहा कि यह संघर्ष अब अपने अंत के करीब है। इससे ईरान-इजरायल संघर्ष में तनाव कम होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

इस संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है जबकि इस मार्ग के जरिये दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल-गैस की आपूर्ति होती है। इस महीने सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 8.5 फीसदी की तेजी आई है जबकि निफ्टी मिडकैप 11.6 फीसदी और स्मॉलकैप 12.8 फीसदी चढ़ा है।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, ‘बाजार अक्सर सबसे अच्छे हालात को ही मानकर चलते हैं, भले ही असल में वैसा न हो। लगातार आ रही बुरी खबरों के बीच 7-8 हफ्तों की गिरावट के बाद अब जो मौजूदा तेजी दिख रही है, वह सकारात्मक संकेतों का असर है।’

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान हुए सभी नुकसान की भरपाई कर ली है लेकिन बेंचमार्क सूचकांक अभी भी अपने युद्ध के पहले के स्तर से लगभग 4 फीसदी नीचे हैं। आगे बाजार की दिशा शांति वार्ता और कंपनियों के तिमाही परिणाम पर निर्भर करेगी।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के सुस्त अनुमान के बावजूद निवेशक आकर्षक मूल्यांकन और वित्त वर्ष 2027 की कमाई की बेहतर संभावनाओं से उत्साहित हैं। इससे लगता है कि यह तेजी कुछ समय तक बनी रह सकती है। भारत के 10 वर्षीय बॉन्ड की यील्ड में गिरावट और इंडिया वीआईएक्स में नरमी भी बढ़ती स्थिरता का संकेत देती है। मजबूत मांग की उम्मीदों ने ऊर्जा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स क्षेत्र में बढ़त को सहारा दिया जबकि वैश्विक जोखिमों में कमी से आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहा।’

बाजार की बढ़त मजबूत रही और 3,547 शेयर लाभ में तथा 836 शेयर गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप में 2.2 फीसदी और स्मॉलकैप में 2.35 फीसदी की तेजी आई। सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाभ में रहे और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.9 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स में 2 शेयरों को छोड़कर सभी बढ़त में रहे। एचडीएफसी बैंक 1.97 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज 2.3 फीसदी लाभ में रहा। इंडिगो की प्रवर्तक कंपनी इंटरग्लोब एविएशन में सबसे ज्यादा 4.6 फीसदी और लार्सन ऐंड टुब्रो में 3.08 फीसदी की तेजी आई।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 666 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की और घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 569 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

First Published : April 15, 2026 | 10:38 PM IST