शेयर बाजार

खुदरा निवेश तंत्र को और व्यापक बनाएंगे छोटे-मझोले शहर: ऐंजल वन ग्रुप सीईओ अंबरीश केंगे

ऐसा लगता है कि भारत की लंबी अवधि की वृद्धि से जुड़ी थीम जैसे वित्तीय सेवाएं, मैन्युफैक्चरिंग, पूंजी बाजार और उपभोग में निवेशकों की काफी दिलचस्पी है

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निकिता वशिष्ठ   
Last Updated- June 04, 2026 | 11:18 PM IST

भारत में खुदरा निवेश का परिदृश्य बदल रहा है और इसमें लोगों की भागीदारी देश के बड़े महानगरों से बाहर भी तेजी से बढ़ रही है। निकिता वशिष्ठ को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में ऐंजल वन ग्रुप के सीईओ अंबरीश केंगे ने बताया कि कैसे मझोले और छोटे शहर पूंजी बाजार के लिए वृद्धि के अगले बड़े केंद्र के रूप में उभर सकते हैं। संपादित अंश :

बाजार के मौजूदा हालात के बारे में आपकी क्या राय है?

भू-राजनीतिक उथल-पुथल के कारण पहले भी बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर आते रहे हैं और यह दौर भी उससे अलग नहीं है। चाहे वह 2022 का रूस-यूक्रेन युद्ध हो या 2026 का ईरान संघर्ष, बाजारों ने बार-बार झटके झेलने, खुद को फिर से खड़ा करने और फंडामेंटल पर फोकस करने की अपनी क्षमता साबित की है।

क्या बुरा दौर बीत चुका है?

अभी भी बदलती स्थिति है। लेकिन हम इसे लंबी अवधि के फंडामेंटल का संकट नहीं मानते। भारत इस दौर में अपेक्षाकृत मजबूत वृद्धि, मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट और मजबूत घरेलू निवेश के साथ प्रवेश कर रहा है।

हाल की अस्थिरता ने क्लाइंट व्यवहार को कैसे प्रभावित किया है?

जब बाजार में अस्थिरता आती है तो क्लाइंट भी अपने निवेश को व्यवस्थित करने लग जाते हैं। उदाहरण के लिए, एनएसई इक्विटी में कैश का रोजाना औसत टर्नओवर (एडीटीओ) हाल में 21 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया जबकि कमोडिटी डेरिवेटिव में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। मार्च में कुछ नरमी के बाद अप्रैल में हमारे कैश टर्नओवर में बाजार हिस्सेदारी 193 आधार अंक बढ़ गई। यह संकेत है कि बाजार में तेजी से सुधार हो रहा है और क्लाइंटों की सक्रियता बढ़ रही है।

क्या इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक डेट का रुख कर रहे हैं?

खुदरा निवेशकों की भागीदारी काफी व्यापक बनी हुई है। ऐसा लगता है कि भारत की लंबी अवधि की वृद्धि से जुड़ी थीम जैसे वित्तीय सेवाएं, मैन्युफैक्चरिंग, पूंजी बाजार और उपभोग में निवेशकों की काफी दिलचस्पी है। हम इंडेक्स फंडों और म्युचुअल फंडों की ओर भी अहम बदलाव देख रहे हैं। निवेशक ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं जो विविध हों और जिनकी लागत कम हो।

मझोले और छोटे शहरों से शेयर बाजार में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। ऐंजल वन इस बाजार का फायदा उठाने के लिए कैसी योजना बना रही है?

मझोले और छोटे शहर इस उद्योग के साथ-साथ हमारी वृद्धि के लिए भी बहुत अहम हैं। हमारे क्लाइंटों की वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही बड़े शहरों (मेट्रो) के बाहर से आता है। हम भारतीय भाषाओं में इंटरफेस, निवेश का आसान सफर, एआई आधारित मदद और माइक्रो वीडियो जैसे आसान फॉर्मेट में एजुकेशनल कंटेंट तैयार कर रहे हैं।

एमटीएफ आधारित ट्रेड चिंता की कितनी बड़ी बात है?

मार्जिन ट्रेडिंग फ़ैसिलिटी में बढ़ोतरी भारत के इक्विटी बाजारों के बड़े विस्तार को दिखाती है। पिछले कुछ सालों में उद्योग का इक्विटी एडीटीओ, वित्त वर्ष 22 के लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 26 में 3.5–3.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। नकदी और एफऐंडओ दोनों के वॉल्यूम में भी बढ़ोतरी हुई है।

आपके अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं?

ब्रोकिंग हमारे बिजनेस का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। ऐंजल वन अब एक विविध, फुल-स्टैक फाइनैंशियल सर्विसेज प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर काम करता है। हमारी मुख्य डिजिटल फ्रैंचाइजी के साथ-साथ हमारे ऑथराइज्ड पर्सन (एपी) और सहायक ​कारोबार खासकर मझोले और छोटे शहरों में वृद्धि और जुड़ाव का अहम इंजन बन गए हैं।

First Published : June 4, 2026 | 11:18 PM IST