शेयर बाजार

Closing Bell: इन 3 वजहों से निवेशकों के ₹5 लाख करोड़ डूबे, सेंसेक्स 1342 अंक टूटा; निफ्टी 23866 पर बंद

Closing Bell: ऑटो, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयरों में मुनाफावसूली ने भी बाजार को नीचे खींचा।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- March 11, 2026 | 3:53 PM IST

Stock Market Closing Bell, Wednesday, March 11, 2026: एशियाई बाजारों में मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार (11 मार्च) को एक बार फिर बड़ी गिरावट में बंद हुआ। सपाट शुरुआत के बाद बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स दोपहर में 1 प्रतिशत से ज्यादा फिसल गए और दिन का सेशन खत्म होते होते गिरावट और बढ़ गई। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से ताजा घटनाक्रमों ने निवेशकों को फिर चिंता में डाल दिया। एफआईआई की लगातार भारतीय बाजारों से निकासी से दबाव पड़ा है। ऑटो, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक जैसे शेयरों में मुनाफावसूली ने भी बाजार को नीचे खींचा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 78,238 अंक पर सपाट खुला। खुलने के बाद इंडेक्स में गिरावट देखने को मिली और दोपहर में यह बढ़ गई। अंत में यह 1342.27 अंक या 1.72 प्रतिशत की गिरावट लेकर 76,863.71 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,231 अंक पर सपाट खुला। कारोबार के दौरान 23,834 अंक तक फिसल गया। अंत में 394.75 अंक या 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,866 पर बंद हुआ।

टाटा एसेट मैनेजमेंट में मुख्य निवेश अधिकारी (इक्विटी) राहुल सिंह ने कहा, ”मिडिल ईस्ट में हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण भारतीय शेयर बाजार में जोखिम थोड़ा बढ़ गया है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता और इसका रुपये पर पड़ने वाला संभावित असर है। हालांकि अब बाजार का वैल्यूएशन पहले के मुकाबले बेहतर दिख रहा है, क्योंकि निफ्टी लगभग 20 गुना कमाई के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।”

उन्होंने कहा, ”हाल के समय में बाजार की भावना वैश्विक घटनाओं से प्रभावित रह सकती है। फिर भी कंज्यूमर और फार्मा जैसे सेक्टर तुलनात्मक रूप से कम प्रभावित हो सकते हैं। जबकि मेटल और एनर्जी सेक्टर को ऊंची कमोडिटी कीमतों से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा क्रेडिट ग्रोथ बढ़कर करीब 14.5 प्रतिशत हो गई है, जिससे बैंकिंग सेक्टर की वृद्धि को सहारा मिल सकता है। कुल मिलाकर अनुमान है कि निफ्टी50 कंपनियों की कमाई में वित्त वर्ष 2026 से 2027 के बीच करीब 15-17 प्रतिशत की अच्छी बढ़त बनी रह सकती है।”

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स

सेंसेक्स की बात करें तो बुधवार को सन फार्मा और एनटीपीसी ही बढ़त में रहने वाले शेयर थे। वहीं गिरावट वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और कोटक बैंक प्रमुख रहे।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरने वाला सेक्टर रहा और इसमें 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 2.4 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज लगभग 2.3 प्रतिशत नीचे रहे। वहीं निफ्टी फार्मा और ऑयल एंड गैस इंडेक्स बढ़त वाले सेक्टरों में शामिल रहे। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1.25 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.36 प्रतिशत नीचे रहा।

Stock Market Crash: आज क्यों टूटा बाजार?

1. प्रॉफिट बुकिंग

पिछले ट्रेडिंग सेशन में अच्छी बढ़त के बाद बाजार में आज चुनिंदा शेयरों में मुनाफा वसूली देखी जा रही है। आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल जैसे शेयरों में पिछले सेशन में आई बढ़त के बाद बिकवाली हावी है।

2. FIIs की बिकवाली

विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी बाजार की चाल पर नेगेटिव असर पड़ा है। एफआईआई लगातार भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। उन्होंने 10 मार्च को ने करीब 4,673 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचें।

3. मिडिल ईस्ट संकट से घबराहट

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने ईरान से कहा है कि अगर उन्होंने हॉर्मुज जलसंधि में कोई खदानें लगाई हैं तो उन्हें तुरंत हटा दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खदानें नहीं हटाई गईं, तो अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की जाएगी, जिसकी तीव्रता अब तक नहीं देखी गई है।

Global Markets

एशियाई शेयर बाजार बुधवार सुबह के कारोबार में बढ़त के साथ खुले। कच्चे तेल की कीमतें कम होने से बाजार को सहारा मिला। तेल सस्ता होने से महंगाई बढ़ने और आर्थिक विकास पर असर पड़ने की चिंता कुछ कम हुई, खासकर उन एशियाई देशों में जो ज्यादा तेल आयात करते हैं।

दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.24 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 1.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। एशिया सेशन में अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी बढ़त में थे। एस एंड पी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स क्रमशः 0.45 प्रतिशत और 0.42 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहे थे।

एशिया के कारोबार सेशन में अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। एस एंड पी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स क्रमशः 0.45 प्रतिशत और 0.42 प्रतिशत ऊपर थे। वहीं, इससे पहले रात में अमेरिका के ज्यादातर शेयर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म होने की संभावना और नए सैन्य खतरों की खबरों का आकलन कर रहे थे। दिन के अंत में एस एंड पी 500 0.21 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

First Published : March 11, 2026 | 8:08 AM IST