शेयर बाजार

Closing Bell: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से फिसला बाजार, सेंसेक्स 852 अंक लुढ़का, निफ्टी 24173 पर बंद; Trent 4% टूटा

Closing Bell: होरमुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात बाधित होने की खबरों का निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा। इससे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- April 23, 2026 | 3:50 PM IST

Stock Market Closing Bell, Thursday, April 23, 2026: वैश्विक बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (23 अप्रैल) को लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट लेकर बंद हुए। होरमुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात बाधित होने की खबरों का निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा। इससे कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ। साथ ही आईसीआईसीआई, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार को नीचे की तरफ खींचा। इन तीन शेयरों का सेंसेक्स की गिरावट में 400 अंक से ज्यादा का योगदान रहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि 7 अप्रैल को घोषित युद्धविराम तब तक लागू रहेगा, जब तक ईरान एक संयुक्त प्रस्ताव पेश नहीं करता। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी बातचीत में हिस्सा नहीं ले रहा है। इस बीच, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाने के लिए होरमुज़ स्ट्रेट में समुद्री यातायात को बाधित किया। इससे निवेशकों के बीच महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ गई।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,983 अंक पर खुला। बुधवार को यह 78,516 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 77,574 अंक तक फिसल गया था। अंत में 852.49 अंक या 1.09 फीसदी की गिरावट लेकर 77,664 पर बंद हुए।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) करीब 150 अंक की गिरावट लेकर 24,202 पर खुला। बुधवार को यह 24,378 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 24,134 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 205.05 अंक या 0.84 प्रतिशत गिरकर 24,173 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू शेयर बाजारों में व्यापक गिरावट देखने को मिली। अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने से बाजार पर दबाव बना रहा। कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी ने जोखिम से बचने के माहौल को और बढ़ा दिया। हालांकि, घरेलू संयुक्त खरीद प्रबंधक सूचकांक ने कारोबार में बढ़त का संकेत दिया, लेकिन बढ़ती लागत, मुनाफे पर दबाव, निर्यात मांग में नरमी और भविष्य को लेकर कमजोर भरोसे ने इसका असर कम कर दिया। इससे बाजार में खरीदारी सीमित रही। सेक्टर के स्तर पर ज्यादातर क्षेत्रों में गिरावट रही। हालांकि, फार्मा और स्वास्थ्य सेवा जैसे रक्षात्मक सेक्टर इस गिरावट के बीच अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश के रूप में उभरे।”

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स

सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट सबसे ज्यादा 4.2 फीसदी गिरकर बंद हुआ। टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, कोटक बैंक और बजाज फाइनेंस प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, भारती एयरटेल, सनफार्मा और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

ब्रोडर मार्केट में भी प्रमुख इंडेक्स के साथ गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.41 प्रतिशत और 0.67 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। सेक्टर इंडेक्स में निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी फार्मा में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली।

Global Markets

ज्यादातर एशियाई बाजारों ने शुरुआती बढ़त गंवा दी। ट्रेडर पश्चिम एशिया की स्थिति का आकलन कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी नए उच्च स्तर पर पहुंचे। हालांकि, निक्केई 225 अपनी बढ़त खोकर 0.47 प्रतिशत गिरावट में रहा, जबकि कोस्पी 1.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

अमेरिका के स्टॉक फ्यूचर्स गुरुवार की शुरुआती ट्रेडिंग में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। ईरान की तरफ से होरमुज़ स्ट्रेट में जहाजों पर फायरिंग करने और दो जहाजों को कब्जे में लेने के बाद तनाव बढ़ गया। वहीं अमेरिका की नाकेबंदी भी जारी रही। एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स के फ्यूचर्स क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.64 प्रतिशत की गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं, एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट नए हाई लेवल पर छूने के बाद बढ़त के साथ बंद हुए। ये इंडेक्स क्रमशः 0.69 प्रतिशत और 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

First Published : April 23, 2026 | 7:59 AM IST