Stock Market Closing Bell, Friday, April 24, 2026: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (24 अप्रैल) को बड़ी गिरावट में बंद हुए। अमेरिका-ईरान वार्ता में ठहराव और होरमुज़ स्ट्रेट में नाकेबंदी के चलते तेल की कीमतों में तेजी आई। इससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई। साथ ही आईटी शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार को और नीचे खींचा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 150 से ज्यादा अंक गिरकर 77,483.80 पर खुला। जबकि गुरुवार को यह 77,664.00 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 76,403 अंक तक गिर गया था। अंत में 982.71 अंक या 1.27 प्रतिशत की गिरावट लेकर 76,681.29 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,100 पर खुला। खुलने के कुछ ही देर में यह 24 हजार के नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान यह 23,813 अंक तक लुढ़क गया था। अंत में यह 275.10 अंक या 1.14 फीसदी की गिरावट लेकर 23,897 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजार में मुनाफावसूली का दौर जारी रहा, जिस पर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर होते रुपये का दबाव रहा। आईटी शेयरों में निराशाजनक तिमाही नतीजों के बाद सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जबकि बिकवाली का दबाव लगभग सभी सेक्टर्स में व्यापक रूप से नजर आया।”
उन्होंने कहा, ”विदेशी संस्थागत निवेशकों ने थोड़े समय की खरीदारी के बाद फिर से शुद्ध बिकवाली शुरू कर दी। इसके अलावा, वैश्विक रेटिंग एजेंसियों द्वारा महंगाई और मैक्रो चिंताओं के चलते भारत की रेटिंग में कटौती ने भी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया। साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी आर्थिक वृद्धि में धीमापन आने के शुरुआती संकेत दिए हैं। हालांकि वैल्यूएशन में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन निवेशक मौजूदा तिमाही नतीजों पर करीबी नजर बनाए रखेंगे, क्योंकि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच मुनाफे के अनुमान में कटौती का जोखिम बना हुआ है।”
निफ्टी आईटी इंडेक्स में इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और टेक महिंद्रा सबसे बड़े गिरावट वाले शेयर रहे। ब्रोडर मार्केट भी प्रमुख इंडेक्स के अनुरूप गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 0.96 प्रतिशत और 0.87 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
सेक्टर के लिहाज से इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के दबाव में निफ्टी आईटी 5 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी फार्मा और निफ्टी मीडिया इंडेक्स में भी कमजोरी रही। वहीं, निफ्टी मेटल ने अपने समकक्ष सेक्टरों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें सबसे कम गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई क्षेत्र के ज्यादातर बाजारों में गिरावट देखी गई। अमेरिका-ईरान वार्ता में ठहराव आने से होरमुज़ जलडमरूमध्य से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका बढ़ गई। कोस्पी और हैंग सेंग इंडेक्स क्रमशः 0.22 प्रतिशत और 0.45 प्रतिशत गिर गए। वहीं, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.55 प्रतिशत बढ़ा। आंकड़ों के अनुसार, जापान में मुख्य महंगाई दर मार्च में 1.8 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले पांच महीनों में पहली बार तेजी को दर्शाती है।
अमेरिका के शेयर फ्यूचर्स बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। कारोबारी इजरायल और लेबनान के बीच तीन हफ्तों के लिए बढ़ाए गए युद्धविराम का आकलन कर रहे थे। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत ऊपर था, जबकि डाउ जोन्स फ्यूचर्स 0.24 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं, पिछले कारोबारी सेशन में एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज क्रमशः 0.36 प्रतिशत और 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। नैस्डैक कंपोजिट 0.89 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
ब्रेंट कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से काफी ऊपर कारोबार कर रहा था। होरमुज़ जलडमरूमध्य में जारी नाकेबंदी से एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 1.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।