शेयर बाजार

Closing Bell: ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी से चढ़ा बाजार, सेंसेक्स 609 अंक उछला; निफ्टी 24177 पर बंद

Closing Bell: तिमाही नतीजों के दम पर ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- April 29, 2026 | 3:45 PM IST

Stock Market Closing Bell, Wednesday, April 29, 2026: एशियाई बाजारों से पॉजिटिव संकेत लेते हुए भारतीय शेयर बाजारों ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बुधवार (29 अप्रैल) को मजबूती के साथ बंद हुए। तिमाही नतीजों के दम पर ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। आईटी स्टॉक्स और इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर में खरीदारी ने भी बाजार को ऊपर खींचा। हालांकि, कारोबार के अंतिम घंटे में थोड़ी मुनाफावसूली भी देखने को मिली।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,245 अंक पर खुला। जबकि मंगलवार को यह 76,886 अंक पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 77,982 अंक तक चढ़ गया था। अंत में 609.45 अंक या 0.79 फीसदी की बढ़त लेकर 77,496.36 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,096 पर खुला और खुलते ही 24,100 के पार चला गया। वहीं, इंट्रा-डे ट्रेड में 77,496. 24,334 अंक के हाई तक चला गया था। अंत में 181.95 अंक या 0.76 फीसदी की बढ़त के साथ 24,177 पर बंद हुआ।

Top Gainers & Losers

सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी टॉप गेनर रहा। इसमें 3.79 फीसदी की तेजी आई। टेक महिंद्रा, मारुति, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा, अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, इंडिगो, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक और ट्रेंट लिमिटेड गिरावट में रहे।

ब्रोडर मार्केट मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। सेक्टोरल आधार पर निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल और निफ्टी मीडिया कमजोर रहे।

Global Markets

एशियाई बाजार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। कारोबारी इस खबर को समझने की कोशिश कर रहे थे कि यूएई पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से बाहर निकलने जा रहा है। एसएंडपी एएसएक्स और कोस्पी क्रमशः 0.23 प्रतिशत और 0.24 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। इस रुख के विपरीत, हैंग सेंग 1.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।

अमेरिका के शेयर फ्यूचर्स बुधवार को शुरुआती कारोबार में ऊपर थे। निवेशक यूएई के ओपेक से बाहर निकलने और एआई कंपनियों की आय को लेकर बनी चिंताओं से आगे बढ़कर सोच रहे थे। साथ ही, वे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स दोनों के फ्यूचर्स 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

वहीं, वॉल स्ट्रीट के इंडेक्स में मंगलवार को गिरावट आई। OpenAI की रेवेन्यू ग्रोथ को लेकर निवेशकों की चिंताएं हावी रहीं। एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट में क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कच्चा तेल $111 के पार

ब्रेंट कच्चा तेल इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर 0.36 प्रतिशत बढ़कर 111.6 डॉलर प्रति बैरल हो गया। अमेरिका-ईरान वार्ता अटकी हुई है और इसके चलते होर्मुज़ स्ट्रेट के खुलने में देरी हो रही है। यह स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है, जहां बाधा से बाजार पर असर पड़ता है। इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 1 मई से पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से बाहर निकलने की घोषणा कर दी है।

First Published : April 29, 2026 | 8:46 AM IST