Stock Market Closing Bell, Thursday, January 29, 2026: एशियाई बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (29 जनवरी) को गिरावट में खुलने के बाद बढ़त में बंद हुए। आखिरी एक घंटे में बाजार ने निचले स्तर से शानदार रिकवरी दिखाई और बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 1% चढ़कर बंद हुए। कई दिनों बाद विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली। इकोनॉमिक सर्वे 2026 का भी बाजार की धारणा पर पॉजिटिव असर पड़ा। साथ ही मेटल स्टॉक्स में जोरदार रैली ने बाजार को ऊपर की तरफ खींचा। हालांकि बाजार के जानकारों का मानना है कि बाजार में अभी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
तीस शेयरों वाला सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 1% चढ़कर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 700 अंक तक गिर गया था। लेकिन कारोबार के आखिरी एक घंटे में शानदार रिकवरी करते हुए 221.69 अंक या 0.27% चढ़कर 82,566.37 पर बंद हुआ।
निफ्टी-50 का भी यही हाल रहा। कमजोर शुरुआत के बाद इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए और दिन के निचले स्तर से करीब 300 अंक चढ़ा। हालांकि, अंत में 76.15 अंक या 0.30% मजबूत होकर 25,418.90 पर बंद हुआ।
निफ्टी बढ़त के साथ 25,418.90 के करीब बंद हुआ। इससे शॉर्ट टर्म में उछाल की पुष्टि हुई। निफ्टी ने 25,150-25,200 के सपोर्ट लेवल को मजबूती से बनाए रखा। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि करेंट रेसिस्टेंस 25,450 से 25,500 के स्तर पर दिखाई दे रही है, जहां बिकवाली का दबाव बना हुआ है। अगर यह इस दायरे के ऊपर टिक जाता है, तो निफ्टी के लिए 25,600 से 25,800 के स्तर तक जाने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर देखें तो 25,300 पहला सपोर्ट है। इसके बाद 25,160 से 25,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि इकोनॉमिक सर्वे में वित्त वर्ष 2026–27 के लिए मजबूत विकास अनुमान और नियंत्रित महंगाई का भरोसा मिलने से बाजार को सहारा मिला। हालांकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक संकेत कुल मिलाकर सकारात्मक रहे, लेकिन अमेरिका–ईरान तनाव बढ़ने से सोने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे जोखिम लेने की धारणा पर कुछ दबाव देखा गया।
सेंसेक्स के शेयरों में टाटा स्टील सबसे ज्यादा 4.41% चढ़कर बंद हुआ। एलएंडटी, एक्सिस बैंक, इटरनल और एनटीपीसी सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। इन शेयरों में 4.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, एशियन पेंट्स, इंडिगो, मारुति सुजुकी, टीसीएस और बीईएल गुरुवार को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक क्रमशः 0.18 प्रतिशत और 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल इंडेक्स ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुआ। वहीं, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरने वाला रहा। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी केमिकल्स और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (29 जनवरी) को संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश कर दिया। सर्वे में वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट रविवार को वित्त मंत्री पेश करेंगी। यह वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा लगातार नौवां बजट होगा। यह किसी महिला वित्त मंत्री द्वारा पहली बार हासिल की जाने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने चेयरमैन जेरोम पॉवेल के नेतृत्व में ब्याज दरों को 3.5 फीसदी से 3.75 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा। इसके चलते एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। आख़िरी अपडेट में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.46 फीसदी नीचे था, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.58 फीसदी गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.8 फीसदी फिसल गया।
अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को लगभग सपाट बंद हुए। चिप शेयरों में बढ़त के चलते नैस्डैक में हल्की तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी फेड के ब्याज दरें अपरिवर्तित रखने और यह साफ संकेत न देने के कारण कि कर्ज की दरें कब घट सकती हैं, निवेशकों की प्रतिक्रिया सीमित रही। एसएंडपी 500 इंडेक्स 6,978.03 पर सपाट बंद हुआ, नैस्डैक कंपोज़िट 0.17 फीसदी बढ़कर 23,857.45 पर पहुंचा, जबकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज भी 49,015.60 पर लगभग बिना बदलाव के बंद हुआ।