शेयर बाजार

Closing Bell: बजट से पहले निवेशक सतर्क, सेंसेक्स 297 अंक गिरा, निफ्टी 25320 पर बंद; Tata स्टील 5% टूटा

Closing Bell: बजट 2026 से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाया। मेटल शेयरों में जोरदार बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा।

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जतिन भूटानी   
Last Updated- January 30, 2026 | 3:55 PM IST

Stock Market Closing Bell, Friday, January 30, 2026:वैश्विक बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार (30 जनवरी) को गिरावट में बंद हुए। बजट 2026 से पहले निवेशकों के सतर्क रुख अपनाया। मेटल शेयरों में जोरदार बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। मेटल इंडेक्स 5% टूट गया। इसके अलावा आईटी शेयरों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी बाजार की चाल पर असर पड़ा। निवेशक केंद्रीय बजट 2026 का इंतजार कर रहे हैं। बजट रविवार यानी 1 फरवरी, 2026 को पेश किया जाएगा।

बजट से पहले भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहा। आईटी और मेटल शेयरों में कमजोरी के चलते प्रमुख इंडेक्स दबाव में नजर आए। वैश्विक आर्थिक सुस्ती की चिंताओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण आईटी सेक्टर पिछड़ गया, जबकि डॉलर मजबूत होने से सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।’

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”लगातार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और रुपये में जारी कमजोरी से बाजार की धारणा सतर्क बनी हुई है। भू-राजनीतिक जोखिमों और वैश्विक टैरिफ दबाव बढ़ने के बीच, निवेशक आर्थिक वृद्धि को समर्थन और वित्तीय अनुशासन को लेकर संकेतों के लिए केंद्रीय बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर, अमेरिका में सरकार के ताजा शटडाउन को टालने के लिए हुए समझौते से अस्थायी राहत जरूर मिली है। लेकिन बाजार अब नए फेडरल रिजर्व चेयरमैन की नियुक्ति पर नजर लगाए हुए हैं। आशंका है कि अगर फेड का रुख ज्यादा सख्त हुआ, तो इससे लिक्विडिटी कड़ी हो सकती है और उभरते बाजारों पर दबाव पड़ सकता है।”

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 81,947 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 500 से ज्यादा अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 296.59 अंक या 0.36% गिरकर 82,269.78 पर बंद हुआ।

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,247 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,213 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में यह 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 25,320.65 पर बंद हुआ।

Nifty Outlook

निफ्टी फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में कारोबार कर रहा है और इसका रुझान हल्का नकारात्मक से न्यूट्रल बना हुआ है। 25,170 के आसपास स्थित 200-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) मजबूती से टिके हुए है। यह संकेत देता है कि जब तक यह स्तर निर्णायक रूप से नहीं टूटता, तब तक बाजार की व्यापक संरचना सुरक्षित बनी हुई है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने बताया कि मोमेंटम संकेतक कमजोर बने हुए हैं। आरएसआई लो-40 के स्तर पर है, जो कमजोर गति और तेजी के स्पष्ट संकेतों की कमी को दर्शाता है। इससे संकेत मिलता है कि निफ्टी में तेज गिरावट की बजाय सीमित दायरे में कारोबार बने रहने की संभावना ज्यादा है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी तौर पर निफ्टी के लिए 25,150 से 25,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 25,370 से 25,400 का दायरा रेजिस्टेंस का काम कर रहा है। यह स्तर 4-घंटे के चार्ट पर 20-ईएमए से मेल खाता है और पहले भी रिकवरी की कोशिशों पर रोक लगा चुका है। यदि निफ्टी रेजिस्टेंस के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो इसमें 25,500 से 25,600 तक की पुलबैक रैली देखने को मिल सकती है। वहीं, सपोर्ट टूटने की स्थिति में कमजोरी बढ़कर 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक जा सकती है। कुल मिलाकर, जब तक निफ्टी किसी निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन का संकेत नहीं देता, तब तक बाजार की धारणा रेंज-ट्रेडिंग रणनीतियों के पक्ष में बनी हुई है।

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। इन शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। वहीं दूसरी ओर, एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी, एचयूएल, बीईएल और टाइटन बढ़त के साथ बंद हुए, जिनमें 1.3 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

ब्रोडर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहा और इसमें 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं निफ्टी मीडिया और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले सेक्टर रहे।

Global Markets

एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी देखी गई। इसकी वजह यह रही कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि वह शुक्रवार को अगले फेडरल रिजर्व (केंद्रीय बैंक) प्रमुख के नाम का ऐलान करेंगे। ट्रंप ने बताया कि मौजूदा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की जगह लेने के लिए पिछले पांच महीनों से चल रही तलाश अब लगभग पूरी हो चुकी है। यह प्रक्रिया सितंबर में शुरू हुई थी, जिसमें 11 उम्मीदवारों को चुना गया था।

आखिरी जानकारी के मुताबिक, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.25 प्रतिशत ऊपर रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.05 प्रतिशत चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.20 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

वहीं, गुरुवार को अमेरिका के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद ज्यादातर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। माइक्रोसॉफ्ट और अन्य सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी से बाजार पर दबाव पड़ा। निवेशक कई कंपनियों के तिमाही नतीजों का आकलन कर रहे थे। रात में, एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.13 प्रतिशत गिरा, नैस्डैक कंपोजिट 0.72 प्रतिशत नीचे आया, जबकि डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.11 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ।

First Published : January 30, 2026 | 8:37 AM IST