शेयर बाजार

अमेरिका-ईरान वार्ता, क्रूड ऑयल और RBI डिविडेंड का रहेगा असर, पर क्या इस हफ्ते शेयर बाजार में दिखेगी तेजी?

अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतों और RBI के रिकॉर्ड डिविडेंड के बीच इस हफ्ते त्योहार के कारण छोटे कारोबारी सत्रों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 24, 2026 | 4:35 PM IST

आने वाले हफ्ते में घरेलू शेयर बाजार में काफी हलचल देखने को मिल सकती है। जानकारों का मानना है कि इस हफ्ते बाजार की चाल मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों और विदेशी निवेशकों (FIIs) के रुख से तय होगी। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इस हफ्ते त्योहार के कारण बाजार में चार दिन ही कामकाज होगा। गुरुवार को बकरीद के मौके पर शेयर बाजार बंद रहेंगे।

इन बड़े बदलावों के अलावा निवेशकों की नजर रुपये और डॉलर के उतार-चढ़ाव, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड (बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न) और वैश्विक बाजार के रुख पर भी टिकी रहेगी। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च विभाग के SVP अजीत मिश्रा का कहना है कि यह हफ्ता वैश्विक आर्थिक बदलावों और करेंसी मूवमेंट के लिहाज से काफी संवेदनशील हो सकता है। इन सभी कारणों का सीधा असर विदेशी फंडों के आने-जाने और बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता पर पड़ेगा।

शांति समझौते की उम्मीद और कच्चे तेल का असर

बाजार के लिए एक राहत भरी खबर अमेरिका से आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। इससे संकेत मिलते हैं कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब सुलझने के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, एनरिच मनी के CEO पोनमुडी R का मानना है कि राजनयिक स्तर पर बातचीत से सेंटिमेंट में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अंतिम नतीजों को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसलिए बाजार काफी हद तक खबरों के आधार पर ऊपर-नीचे होता रहेगा और निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।

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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, बाजार में मजबूती के लिए जरूरी है कि कच्चे तेल की कीमतें और कम हों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली थमे और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों के अनुमानों में कोई बड़ी गिरावट न आए।

RBI का रिकॉर्ड डिविडेंड देगा सहारा

बाजार के लिए दूसरा सबसे बड़ा फैक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का फैसला रहेगा। RBI ने शुक्रवार को सरकार को मार्च 2026 को समाप्त हुए साल के लिए 2.87 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड देने का एलान किया है।

पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ी हुई आयात लागत और सप्लाई चेन में आई रुकावटों के बीच, यह रकम सरकारी खजाने के लिए एक बड़ा वित्तीय सहारा साबित होगी। एक्सपर्ट इस बात का आकलन कर रहे हैं कि इस भारी-भरकम रकम से बाजार की लिक्विडिटी (नकदी) और सरकारी खर्च पर क्या असर पड़ता है।

बता दें कि बीते हफ्ते बाजार में मामूली बढ़त देखी गई थी। BSE सेंसेक्स में 177.36 अंक (0.23 फीसदी) और NSE निफ्टी में 75.8 अंक (0.32 फीसदी) की तेजी दर्ज की गई थी।

(PTI के इनपुट के साथ)

First Published : May 24, 2026 | 4:16 PM IST