मार्च 2026 में समाप्त हुई तिमाही में बीएसई के एकीकृत शुद्ध लाभ और राजस्व में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद कई ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर के लिए कमाई के अनुमानों में बदलाव किया है। हालांकि, शुक्रवार को यह शेयर 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। ब्रोकरेज फर्मों के बीच यह आशावाद एक्सचेंज के लेनदेन राजस्व में हुई बढ़ोतरी और बाजार हिस्सेदारी में हुए लाभ के कारण है। एक्सचेंज का लेनदेन राजस्व पिछली तिमाही के मुकाबले 36 फीसदी बढ़ा, जिसमें ऑप्शंस राजस्व की मुख्य भूमिका रही।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने अपनी रिपोर्ट में बताया, बीएसई की ऑप्शंस प्रीमियम बाजार हिस्सेदारी तीसरी तिमाही के 26.8 फीसदी से सुधारकर चौथी तिमाही में 27.5 फीसदी पर पहुंच गई। प्रीमियम रोजाना औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम 289 अरब रुपये (तिमाही आधार पर 49 फीसदी की बढ़त) तक पहुंच गया और अप्रैल 26 में यह और बढ़कर 34 फीसदी हो गया।
ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर में और निवेश की रेटिंग को बनाए रखा है और लक्षित कीमत को संशोधित करके 4,300 रुपये कर दिया है, जो पहले 3,800 रुपये था। फर्म ने कहा, लंबे समय वाले ऑप्शंस का हिस्सा बढ़कर 6 फीसदी हो गया है और प्रबंधन का लक्ष्य संस्थागत भागीदारी बढ़ाकर इसमें और वृद्धि करना है। हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 27/28 ई में ऑप्शंस प्रीमियम की बाजार हिस्सेदारी 31/35 फीसदी रहेगी जबकि वित्त वर्ष 26 में यह 25 फीसदी रही। हमने वॉल्यूम बढ़ने के अनुमानों के आधार पर ईपीएस के अनुमानों में 12-14 फीसदी की वृद्धि की है और वित्त वर्ष 26-28 ई के लिए राजस्व और ईपीएस की सालाना चक्रवृद्धि रफ्तार क्रमशः 32 फीसदी और 31 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।
Also Read: Airtel Money का IPO अब दूसरी छमाही तक टला, जानें क्या है देरी की बड़ी वजह
बीएसई का लक्ष्य अपनी नकदी बाजार हिस्सेदारी को 7-8 फीसदी से बढ़ाकर दो अंकों तक ले जाना है और इसके लिए वह हिस्सा लेने वाले एपपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों) की संख्या को बढ़ाकर 800 करने की कोशिश कर रहा है। पिछले एक साल में यह संख्या 100 एफपीआई से बढ़कर 520 हो गई है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा, मार्च 2026/अप्रैल 2026 की मजबूत रन रेट के आधार पर ज्यादा वॉल्यूम के अनुमानों को ध्यान में रखते हुए हमने वित्त वर्ष 2027/वित्त वर्ष 2028 के लिए अपने कमाई के अनुमानों को 17/20 फीसदी तक बढ़ा दिया है।
ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर पर अपनी तटस्थ रेटिंग दोहराई है, जिसका लक्षित मूल्य 4,400 रुपये रखा गया है (जो वित्त वर्ष 28ई ईपीएस के 40 गुना पर आधारित है)। मोतीलाल ओसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि उसने प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग पर आरबीआई के नियमों के किसी भी असर को इसमें शामिल नहीं किया है। नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने भी इस शेयर पर अपनी खरीद रेटिंग बरकरार रखी है और इसके लक्षित मूल्य को पहले के 3,760 रुपये से बढ़ाकर 4,570 रुपये कर दिया है।
Also Read: SBI का मुनाफा 5.58% बढ़ा, गैर-ब्याज आय में गिरावट से दबाव; शेयर 6.6% लुढ़का
ब्रोकरेज ने कहा, हम समायोजित कर पश्चात लाभ के अनुमानों में बदलाव कर रहे हैं, जिसमें एसटीटी में शुरुआती बढ़ोतरी के असर को शामिल किया गया है। इससे हमारा वित्त वर्ष 27ई/28ई समायोजित कर पश्चात लाभ 12.3/15.9 फीसदी बढ़ जाएगा। एनएसई पर लिस्टिंग के बाद कमाई के अनुमानों में और भी बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज कंपनियां आशावादी बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को बीएसई के शेयर में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट आई।