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MSCI EM इंडेक्स में पैसिव निवेश खींचने में भारत पर भारी पड़ी अकेली ताइवानी कंपनी

चिप निर्माता में आई तेजी, इससे ईएम में ताइवान पहुंचा शीर्ष पर, भारत का भार निचले स्तर पर

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समी मोडक   
Last Updated- May 06, 2026 | 10:51 PM IST

चिप बनाने वाली दिग्गज ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (टीएसएमसी) ने एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट (ईएम) इंडेक्स में भारत पर अपनी बढ़त में और इजाफा कर लिया है। यह इंडेक्स व्यापक रूप से ट्रैक किया जाता है। इस बढ़त के बाद कंपनी भारत की तुलना में ज्यादा पैसिव निवेश आकर्षित करने की स्थिति में पहुंच गई है। भारत का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ डॉलर के करीब है।

इंडेक्स प्रदाता की ताजा फैक्टशीट के अनुसार एमएससीआई ईएम इंडेक्स में ताइवान की टीएसएमसी का भार 14.2 फीसदी है जो भारत के 11.94 फीसदी के भार से 227 आधार अंक ज्यादा है। भारत का भार छह साल में सबसे कम है। 

टीएसएमसी ने सबसे पहले फरवरी में तब भारत को पीछे छोड़ा, जब भारत में कोविड महामारी के बाद इस साल सबसे बड़ी मासिक बिकवाली हुई। दूसरी ओर, टीएसएमसी को उभरते बाजारों में एआई ट्रेडिंग के लिए मुख्य दांव माना जाता है और उसने टेक और एआई निवेश को लेकर फिर से बने उत्साह के बीच अपनी बढ़त को और मजबूत किया है।

टीएसएमसी की बदौलत ताइवान ने एमएससीआई ईएम इंडेक्स में सबसे ज्यादा भार के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। अनुमान है कि 750 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति वाले पैसिव निवेश इस इंडेक्स को ट्रैक करते हैं, जिससे यह उभरते बाजारों के निवेशकों के लिए सबसे लोकप्रिय निवेश का ज़रिया बन गया है।

ताइवान एक्सचेंज और टीएसएमसी में 40 फीसदी की तेजी के बाद इंडेक्स में ताइवान का भार बढ़कर 24.84 फीसदी हो गया है। 2023 में इसका भार 15 फीसदी से भी कम था। अपने चरम पर 2024 में इंडेक्स में भारत का भार बढ़कर 20 फीसदी हो गया था। तब से भारत ने एमएससीआई ईएम इंडेक्स के मुकाबले 50 फीसदी से ज्यादा कमजोर प्रदर्शन किया है।

ज्यादातर विदेशी ब्रोकरेज फिलहाल दक्षिण कोरिया और ताइवान पर ओवरवेट हैं। उन्हें एआई आपूर्ति शृंखला का मुख्य फायदा उठाने वाला माना जा रहा है और भारत के मुक़ाबले उनके मूल्यांकन भी ज्यादा आकर्षक हैं। भारत को अब आम सहमति से अंडरवेट माना जा रहा है। एमएससीआई ईएम इंडेक्स में टीएसएमसी का ज्यादा भार होने से इंडेक्स में बढ़ते दबदबे को लेकर चिंता बढ़ गई हैं।

एकेडियन ऐसेट मैनेजमेंट ने दिसंबर में एक नोट में इस चिंता को उठाया था। इसमें कहा गया था, टीएसएमसी का अब एमएससीआई के ईएम इंडेक्स में पिछले 30 सालों में किसी भी एक कंपनी का सबसे ज्यादा भार है। नतीजतन, यह बेंचमार्क पहले से कहीं ज्यादा एक पर केंद्रित हो गया है, जो कोविड के बाद चीनी मेगाकैप्स के उभार के दौरान भी इतना नहीं था। 

अभी एमएससीआई ईएम इंडेक्स के 10 अग्रणी घटकों का भार 34.64 फीसदी है। घरेलू कंपनिया एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज 10 अग्रणी शेयरों में शामिल हैं, लेकिन इनमें से हर एक का भार महज 0.8 फीसदी है।

First Published : May 6, 2026 | 10:39 PM IST