शेयर बाजार

Tata Group के ट्रेंट में निवेश का सही मौका? भारी गिरावट के बाद ब्रोकरेज ने दिया ‘Buy’ रेटिंग

पिछले एक साल में 37% गिरने के बाद, ट्रेंट अब जूडियो के विस्तार और वेस्टसाइड की बढ़ती सदस्यता के दम पर बाजार में वापसी के लिए तैयार है

Published by
राम प्रसाद साहू   
Last Updated- March 29, 2026 | 10:23 PM IST

सबसे बड़ी सूचीबद्ध परिधान खुदरा विक्रेता ट्रेंट के शेयर में पिछले एक साल में 37 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी तुलना में इस अव​धि में सेंसेक्स और निफ्टी 50 को 3 से 5 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। पिछली छह तिमाहियों में राजस्व वृद्धि में गिरावट के कारण शेयर पर दबाव आया है। 

कमजोर बिक्री वृद्धि, ऊंची प्रतिस्पर्धा, मांग के रुझान में कमी और नए स्टोरों का धीरे-धीरे विस्तार, इन सभी ने कंपनी की ​बिक्री को प्रभावित किया है। हालांकि कुछ ब्रोकरेज सतर्क हैं, वहीं अन्य का मानना ​​है कि समान स्टोर बिक्री वृद्धि में गिरावट का रुझान आगे चलकर पलट सकता है। इसके अलावा, मूल्यांकन काफी ठीक हो गए हैं, जिससे रिस्क-रिवार्ड अनुपात इस शेयर के पक्ष में दिख रहा है।  

कंपनी जूडियो नेटवर्क का विस्तार नए भौगोलिक क्षेत्रों और छोटे शहरों और कस्बों में कर रही है। हालांकि मुख्य बाजारों में मजबूत नेटवर्क ने बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में मदद की है, लेकिन इसने आपसी प्रतिस्पर्धा, प्रति स्टोर कम राजस्व, घटती वृद्धि और मार्जिन दबाव को भी बढ़ावा है। 

हालांकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे बड़े बाजारों में कुल नए स्टोरों की संख्या मजबूत बनी हुई है, लेकिन प्रमुख सात राज्यों का योगदान लगातार कम हुआ है, जो वित्त वर्ष 2020 के 73 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 64 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 में अब तक 60 प्रतिशत रह गया है। नए स्टोर खोलने में शीर्ष सात राज्यों की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में अब तक घटकर 37 प्रतिशत रह गई है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च में विश्लेषक आदित्य बंसल का कहना है कि इससे पता चलता है कि नए स्टोर अब स्थापित क्लस्टरों के बजाय मझोले और छोटे शहरों और नए राज्यों से ज्यादा आ रहे हैं। दक्षिण और पश्चिम के पुराने मुख्य क्षेत्रों के बजाय, विस्तार अब उत्तर और पूर्व में हो रहा है। इस वित्त वर्ष में नए स्टोरों में इनका योगदान 58 प्रतिशत है, जबकि वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2025 में यह 33-45 प्रतिशत था। 

स्टोर बिक्री के लिए अतिरिक्त वृद्धि विस्तार और वेस्टसाइड में सदस्यता वृद्धि से संभव हो सकती है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के जय गांधी और वेदांत मलिक बताते हैं कि कंपनी ने वेस्टसाइड में नए स्टोर खोलने की रफ्तार तेज कर दी है। वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में ही 30 नए स्टोर खोले गए हैं, जो वित्त वर्ष 2023-25 ​​के दौरान 14-18 स्टोर खोलने की उसकी पिछली सालाना औसत रफ्तार से ज्यादा है। इसके अलावा, वेस्टसाइड ने वित्त वर्ष 2025 में 55 लाख ‘वेस्टस्टाइल क्लब’ सदस्यों को अपने साथ जोड़ा।

विश्लेषकों का कहना है कि जैसे-जैसे सदस्यों का यह नया समूह पुराना होता जाएगा, हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-28 के दौरान वेस्टसाइड की ‘सेम स्टोर सेल्स’ में बढ़ोतरी के लिए एक मजबूत सहारा साबित होगा।

भले ही कपड़ों की मांग कमजोर बनी हुई है और दुकानों पर लोगों की आवाजाही भी धीमी है, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों ने बताया है कि बिक्री के मामले में ट्रेंट के स्टोर अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषक मनोज मेनन ने इस बात पर जोर दिया है। उनका कहना है कि ट्रेंट के स्टोर फॉर्मेट – वेस्टसाइड और जूडियो अपने प्रतिस्पर्धियों से साफ तौर पर आगे निकल रहे हैं। 

इसके विपरीत, इनट्यून (शॉपर्स स्टॉप) और यूस्टा (रिलायंस) जैसे प्रतिस्पर्धी वैल्यू फैशन फॉर्मेटों में मर्चेंडाइजिंग में कमियां दिख रही हैं, वे पुराने स्टॉक (कैलेंडर वर्ष 2025 के मध्य से) से जूझ रहे हैं और ग्राहकों की मांग में नरमी का सामना कर रहे हैं। कपड़ों के अलावा, ट्रेंट की कुल वृद्धि में एक और जो चीज योगदान दे सकती है, वह है कम कीमत वाली संबंधित श्रेणियों की बढ़ती लोकप्रियता, जो अन्य फॉर्मेट में देखने को नहीं मिलती। इन श्रे​णियों में खास तौर पर कॉस्मेटिक्स, नेल पेंट्स और कुछ पर्सनल केयर एक्सेसरीज शामिल हैं। 

कई वजहों को देखते हुए एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने इस शेयर की रेटिंग बढ़ा दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक ट्रेंट एक बेहतरीन बिजनेस बना हुआ है। इसे भविष्य के अच्छे परिचालन आंकड़ों जैसे कि ‘सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ’ और स्टोर के विस्तार तथा सितंबर 2025 से शेयर भाव में 30 फीसदी की गिरावट के बाद रिस्क-रिवार्ड अनुपात को सहारा मिला है। उसने कीमत लक्ष्य 4,300 रुपये प्रति शेयर दिया है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च ने भी इस शेयर को खरीदें रेटिंग दी है। हाल की गिरावट के बाद, यह शेयर अब वित्त वर्ष 2028 के ‘प्री-इंड एएस परिचालन लाभ’ के 32 गुना पर कारोबार कर रहा है। यह इसके पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले काफी कम है, लेकिन फिर भी अन्य भारतीय फैशन रिटेलरों के मुकाबले यह ‘प्रीमियम’ पर है। ब्रोकरेज ने इसका कीमत लक्ष्य 4,350 रुपये प्रति शेयर तय किया है।

First Published : March 29, 2026 | 10:23 PM IST