Vedanta Q4 Results: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने बुधवार को बाजार बंद होने के बाद वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए। कंपनी ने कई मोर्चों पर रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है। मुंबई स्थित खनन कंपनी का कंसोलिडेट नेट मुनाफा मार्च तिमाही में 92.3 प्रतिशत उछलकर 6,698 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह 3,483 करोड़ रुपये था। बेस मेटल की मजबूत कीमतों से कंपनी को मुनाफे में मदद मिली। इसकी वजह से बीती तिमाही में मार्जिन बढ़ा।
वेदांत ने बीएसई फाईलिंग में बताया कि उसने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक 9,352 करोड़ रुपये का नेट लाभ दर्ज किया। इसमें सालाना आधार पर 89 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 20 प्रतिशत इजाफा हुआ है।
वहीं, मार्च तिमाही में वेदांत में रेवेन्यू सालाना आधार पर 29 फीसदी बढ़कर 51,524 करोड़ रुपये हो गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेटल की कीमतों, प्रीमियम और विदेशी मुद्रा लाभ के कारण अधिक बिक्री से कंपनी के रेवेन्यू में इजाफा हुआ।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए वेदांता ने अब तक का सबसे अधिक 25,096 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़ा है। इस दौरान राजस्व 15 प्रतिशत बढ़कर 1,74,075 करोड़ रुपये हो गया। परिचालन लाभ भी 55,976 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जिसमें 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वेदांता के कार्यकारी निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा, ”वित्त वर्ष 2026 हमारे लिए मजबूत क्रियान्वयन का साल रहा। इसमें पूरे कारोबार में रिकॉर्ड संचालन प्रदर्शन दर्ज किया गया। हमने 29 लाख टन एल्युमिना, 24.6 लाख टन एल्युमिनियम, जिंक इंडिया में 11 लाख टन खनन मेटा, 895 हजार टन पिग आयरन और 101 हजार टन फेरोक्रोम का उत्पादन किया। यह बेहतर संचालन दक्षता और नई क्षमताओं के विस्तार का परिणाम है।”
वेदांत ने वित्त वर्ष 2025- 2026 की चौथी तिमाही में प्रति शेयर 11 रुपये के डिविडेंड की भी घोषणा की है। इस बीच, कंपनी के शेयर बुधवार को बीएसई पर 34.05 रुपये या 4.61 फीसदी बढ़कर 773.25 रुपये पर बंद हुए।