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Vodafone Idea को बड़ी राहत, एजीआर बकाया 27% घटकर ₹64,046 करोड़ हुआ; सोमवार को फोकस में रहेंगे शेयर

Vodafone Idea: दिसंबर 2025 तक वीआई का कुल कर्ज 2.4 लाख करोड़ रुपये था। इसमें एजीआर बकाया, स्थगित स्पेक्ट्रम भुगतान और बैंक कर्ज शामिल हैं।

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गुलवीन औलख   
Last Updated- May 01, 2026 | 11:11 AM IST

Vodafone Idea AGR: दूरसंचार विभाग (डॉट) ने वोडाफोन आइडिया (वीआई) के समायोजित एडजस्टिड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाया को फिर से गिनते करने के बाद 27 प्रतिशत घटाकर 87,695 करोड़ रुपये से 64,046 करोड़ रुपये कर दिया है।

डॉट की तरफ से फिर से रिवेल्यू किए गए इस बकाया राशि को गठित समिति ने अंतिम रूप दिया है और इन्हें 31 दिसंबर 2025 तक स्थिर कर दिया गया है। ज्यादातर राशि का भुगतान वित्त वर्ष 2036 से शुरू होकर छह वर्षों में छह किस्तों में किया जाएगा। इससे कंपनी को पहले दिए गए 10 वर्षों की राहत अवधि बरकरार रहेगी।

वीआई ने गुरुवार को बीएसई फाईलिंग में बताया, ”हम सूचित करना चाहते हैं कि डॉट ने 30 अप्रैल के अपने सन्देश के जरिए बताया है कि इस उद्देश्य के लिए गठित समिति ने 31 दिसंबर 2025 तक एजीआर बकाया 64,046 करोड़ रुपये तय कर दिया है।”

चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा भुगतान

कंपनी ने बताया कि इस अंतिम राशि का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसके तहत वित्त वर्ष 2031-32 से वित्त वर्ष 2034-35 तक चार वर्षों में हर साल न्यूनतम 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद बची हुई राशि को वित्त वर्ष 2036 से वित्त वर्ष 2041 तक छह समान वार्षिक किस्तों में चुकाया जाएगा।

इसके अलावा, वीआई मार्च 2026 से मार्च 2031 तक अगले छह वर्षों में हर साल 124 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। यह राशि वित्त वर्ष 2018 और 2019 से जुड़े बकाया के लिए है, जो इस पुनर्गणना का हिस्सा नहीं थे।

चार वर्षों तक हर साल कम से कम 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा, जो मार्च 2035 तक चलेगा। इसके बाद बची हुई एजीआर देनदारी को 10,608 करोड़ रुपये की छह बराबर वार्षिक किस्तों में मार्च 2036 से मार्च 2041 तक चुकाया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार मार्च 2026 के लिए 124 करोड़ रुपये की पहली किस्त पहले ही चुकाई जा चुकी है। वोडाफोन आईडिया अभी वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजों की घोषणा नहीं कर पाई है। इनमें अब संशोधित एजीआर बकाया को शामिल किया जाएगा।

वित्तीय स्थिति होगी साफ

सेक्टर के जानकारों का मानना है कि इस पुनर्गणना के अंतिम रूप लेने और बकाया में कमी से बैंकों और संभावित निवेशकों को वीआई की वित्तीय स्थिति के बारे में ज्यादा स्पष्टता मिलेगी। एक वरिष्ठ विश्लेषक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ”एजीआर में राहत से वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। इससे शार्ट टर्म में कैश फ्लो पर दबाव कम होगा। कर्जदाताओं का भरोसा बढ़ेगा और बैंक फंडिंग तक पहुंच आसान होगी। साथ ही, यह नीतिगत समर्थन का संकेत देता है, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है। हालांकि, पूरी तरह सुधार के लिए पूंजी निवेश और नेटवर्क विस्तार पर काम जारी रखना जरूरी रहेगा।”

यह राहत ऐसे समय आई है जब देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी अगले तीन वर्षों में 45,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है, ताकि नेटवर्क विस्तार, प्रॉफिटेबिलिटी और ग्राहकों को बनाए रखने पर ध्यान देकर कंपनी को फिर से पटरी पर लाया जा सके।

Vodafone Idea AGR: कुल ₹2.4 लाख करोड़ का कर्ज

एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 तक वीआई का कुल कर्ज 2.4 लाख करोड़ रुपये था। इसमें एजीआर बकाया, स्थगित स्पेक्ट्रम भुगतान और बैंक कर्ज शामिल हैं। अगले तीन वर्षों में लगभग 49,000 करोड़ रुपये के स्थगित स्पेक्ट्रम भुगतान को ईबिटडा वृद्धि, परिचालन दक्षता और बैंक फंडिंग के जरिए पूरा करने की योजना है। कंपनी को वित्त वर्ष 2027 में 7,000 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2028 में 15,000 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2029 में 27,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना है।

First Published : May 1, 2026 | 11:03 AM IST