Siemens Share Price: इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सीमेंस लिमिटेड के हालिया तिमाही नतीजों में एक तरफ कारोबार बढ़ता दिखा, तो दूसरी तरफ बढ़ती लागत का असर भी साफ नजर आया। कंपनी की आय में अच्छी बढ़ोतरी हुई और नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार मजबूत रही, लेकिन कच्चे माल की महंगाई और रुपये में कमजोरी के कारण मुनाफा दबाव में रहा।
इसके बावजूद कंपनी के पास रिकॉर्ड स्तर की ऑर्डर बुक है, जिससे आने वाले वर्षों के कारोबार की अच्छी तस्वीर दिखती है। डेटा सेंटर, रेलवे, इलेक्ट्रिफिकेशन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी क्षेत्र के निवेश जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग भी कंपनी के लिए बड़ा सहारा मानी जा रही है। यही वजह है कि तिमाही में मार्जिन पर दबाव रहने के बावजूद ज्यादातर ब्रोकरेज हाउसों को लगता है कि कंपनी के कारोबार की रफ्तार आगे भी बनी रह सकती है।
कंपनी की आय सालाना आधार पर करीब 15% बढ़कर रुपये 46 अरब रही। हालांकि, बढ़ती कमोडिटी कीमतों और रुपये में गिरावट की वजह से परिचालन मार्जिन घटा, जिससे शुद्ध मुनाफा करीब 10% घटकर रुपये 3.6 अरब रह गया।
ऑर्डर मिलने की रफ्तार मजबूत रही। तिमाही के दौरान कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो 33% बढ़कर रुपये 67 अरब पहुंच गया। वहीं, कुल ऑर्डर बुक रुपये 450 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो एक साल पहले की तुलना में 9% अधिक है। यह कंपनी को आने वाले वर्षों के लिए अच्छी आय का भरोसा देता है।
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कंपनी का कहना है कि डेटा सेंटर, रेलवे, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में मांग बनी हुई है। साथ ही, निजी कंपनियां भी नए निवेश कर रही हैं, जिससे कारोबार को फायदा मिल सकता है। मोबिलिटी कारोबार में मिले बड़े ऑर्डर और सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से भी कंपनी को आगे मदद मिलने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज हाउसों की राय भी सीमेंस को लेकर काफी हद तक अच्छी बनी हुई है। एमके ग्लोबल ने शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखते हुए रुपये 4,150 का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक है और उसका कारोबार कई अलग-अलग क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिससे आगे बढ़त मिल सकती है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने भी शेयर पर खरीदारी की सलाह देते हुए रुपये 4,458 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि फिलहाल बढ़ती लागत के कारण मुनाफे पर कुछ दबाव रह सकता है, लेकिन रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों से मिलने वाली मांग कंपनी के लिए मददगार साबित होगी।
नुवामा ने शेयर पर ‘होल्ड’ यानी बने रहने की सलाह दी है और रुपये 4,375 का टारगेट प्राइस रखा है। उसके मुताबिक अगले कुछ महीनों तक मार्जिन पर दबाव रह सकता है, लेकिन नए ऑर्डरों में तेजी और मोबिलिटी कारोबार की मजबूत स्थिति आगे के लिए अच्छी तस्वीर दिखाती है।
हालांकि, मोतीलाल ओसवाल का नजरिया थोड़ा सतर्क है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग देते हुए रुपये 3,500 का टारगेट प्राइस रखा है। उसका मानना है कि रुपये में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लागत का असर आने वाली कुछ तिमाहियों तक कंपनी के मुनाफे पर पड़ सकता है।
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शुक्रवार को सीमेंस का शेयर करीब रुपये 3,880 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो सीमेंस ने अलग-अलग अवधियों में बाजार से बेहतर रिटर्न दिया है। पिछले एक महीने में शेयर करीब 1.4%, तीन महीने में लगभग 12%, छह महीने में 16% और एक साल में 14% चढ़ा है। वहीं, 2026 में अब तक (YTD) शेयर करीब 24% की बढ़त दिखा चुका है। लंबी अवधि में भी इसका प्रदर्शन मजबूत रहा है और पिछले तीन साल में शेयर ने करीब 86% का रिटर्न दिया है। इस दौरान ज्यादातर अवधियों में इसका प्रदर्शन सेंसेक्स से बेहतर रहा, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)