Stock Market Closing Bell, 5 March 2026: एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (5 मार्च) को चार दिन से जारी गिरावट के बाद बढ़त में बंद हुए। भूराजनीतिक तनाव के बीच हैवीवेट और मेटल शेयरों में तेजी से बाजार को प्रमुख रूप से सपोर्ट मिला। साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों से बाजार के सेंटीमेंट्स पर कुछ पॉजिटव असर पड़ा। खबरों के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अगर अमेरिका कोई संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव पेश करता है तो देश अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार है। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और एचडीएफसी बैंक बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयर रहे। हालांकि, निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सतर्क रुख अपनाया। जबकि आईटी शेयरों में लगातार जारी कमजोरी ने बेंचमार्क इंडेक्स में रिकवरी को धीमा कर दिया।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 79,530 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार के दौरान इंडेक्स में सीमित बढ़त देखी गई। लेकिन आखिरी एक घंटे में खरीदारी से इंडेक्स को सपोर्ट मिला। अंत में यह 899.71 अंक या 1.14 प्रतिशत बढ़कर 80,015.90 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) बढ़त के साथ 24,615 अंक पर खुला। शुरुआत में सीमित कारोबार के बाद अंत में इंडेक्स में मजबूती आई जिससे यह 285.40 अंक या 1.17 फीसदी की बढ़त लेकर 24,765 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसमें मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने लार्जकैप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। अमेरिका के उप विदेश मंत्री की उस टिप्पणी के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द पूरा होने के करीब है।”
उन्होंने कहा, ”हालिया गिरावट के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में निवेशकों ने वैल्यू बायिंग की। वहीं रुपये के मजबूत होने के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का रुख जारी रहा। बाजार में कारोबार के अंत में तेजी और बढ़ गई, जब खबर आई कि ईरान ने कुछ शर्तों के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने की पेशकश की है। इससे अमेरिका/इज़राइल और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी।”
सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, एलएंडटी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, इंडिगो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति और बजाज फाइनेंस सबसे ज्यादा बढ़त में रहे। दूसरी तरफ, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएल टेक, टीसीएस और हिंदुस्तान यूनीलीवर गिरावट में रहने वाले शेयरों में रहे। बड़े इंडेक्स की तुलना में ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.52 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.58 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टर के हिसाब से निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा बढ़त के साथ 2.3 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल्स भी दिन के बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में शामिल रहे।
गुरुवार सुबह एशिया क्षेत्र के बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिकी बाजारों में आई मजबूती का असर एशियाई बाजारों पर साफ दिखाई दिया और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 12% से ज्यादा उछल गया, जिससे पिछले सत्र की गिरावट की भरपाई हो गई। वहीं जापान का निक्केई 225 भी 4% से ज्यादा चढ़ गया, जो क्षेत्रीय बाजारों में बढ़ते उत्साह का संकेत दे रहा है।
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली, जिसने वैश्विक निवेशकों के मनोबल को बढ़ाया। एसएंडपी 500 सूचकांक 0.78% बढ़कर बंद हुआ, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.49% की बढ़त दर्ज की गई।
टेक्नोलॉजी कंपनियों के बड़े शेयरों में आई तेजी और अमेरिका के सेवा क्षेत्र से जुड़े मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया। इसी कारण नैस्डैक कंपोजिट भी 1.29% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे वैश्विक बाजारों में मजबूत माहौल बन गया।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। ब्रेंट क्रूड लगातार पांचवें दिन बढ़त में रहा, क्योंकि बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। दरअसल ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करने की धमकी दी है। यह रास्ता दुनिया में तेल आपूर्ति का एक बड़ा मार्ग माना जाता है। इस कारण कई रिफाइनरियां चिंतित हैं और बाजार में सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी बीच ब्रेंट क्रूड 0.57% बढ़कर 82.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर सोने की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं और सोना अक्सर ऐसी परिस्थितियों में सबसे बड़ा सहारा बनता है। इसी वजह से गुरुवार को सोने की कीमतों में 1% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली और निवेशकों की दिलचस्पी बुलियन में बढ़ गई।