बाजार

Closing Bell: अमेरिका-ईरान संकट पर अनिश्चितता से बाजार में चिंता, सेंसेक्स 1690 अंक टूटा; निफ्टी 22819 पर बंद

Closing Bell: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

Published by
जतिन भूटानी   
Last Updated- March 27, 2026 | 3:48 PM IST

Stock Market Closing Bell, 27 March: वैश्विक बाजारों से कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (27 मार्च) को बड़ी गिरावट में बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इंडेक्स हैवीवेट एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बिकवाली ने भी बाजार को नीचे खींचा। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 500 से ज्यादा अंक गिरकर 74,883.79 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 73,534 अंक तक फिसल गया था। अंत में 1690.23 अंक या 2.25 प्रतिशत की गिरावट लेकर 73,583.22 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) पर 23,173.55 खुला। इंट्रा-डे ट्रेड में 22,804 अंक के लो लेवल तक गया। अंत में 486.85 अंक या 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819 पर बंद हुआ।

जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”बढ़ती बॉन्ड यील्ड, पश्चिमी बाजारों से नकारात्मक संकेत और एशियाई बाजारों के मिश्रित प्रदर्शन के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशक सतर्क बने रहे। हाल की दो दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। वहीं, रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भी वीकेंड से पहले निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी।’ गिरावट व्यापक रही, जिसमें बैंकिंग, केमिकल, रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई।”

उन्होंने कहा, ”शॉर्ट टर्म में बाजार का रुख कमजोर बना रह सकता है। भू-राजनीतिक जोखिम और सप्लाई झटकों के कारण कमाई के अनुमानों में कटौती की आशंका है। हालांकि, मध्यम अवधि में अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले वैल्यूएशन का अंतर कम होने से दबाव कुछ घट सकता है।”

Top Losers & Gainers

सेंसेक्स की कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), इंडिगो, बजाज फाइनेंस, इटरनल, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, एशियन पेण्ट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा और अदाणी पोर्ट्स प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, टीसीएसी और भारती एयरटेल बढ़त में रहने में कामयाब रहे। जबकि पावर ग्रिड 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर बंद हुआ।

सेक्टोरल मोर्चे पर सभी इंडेक्स लाल निशान में रहे। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स, पीएसयू बैंक इंडेक्स और निफ्टी केमिकल इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई। इनमें क्रमश: 3.17 फीसदी, 3.86 प्रतिशत और 3.44 प्रतिशत की गिरावट आई। ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 2.24 प्रतिशत और 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।

Global Markets

एशियाई बाजार शुक्रवार सुबह गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। यह गिरावट अमेरिका के बाजारों में गुरुवार को आई कमजोरी के असर को दिखाती है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच सही तरीके से युद्धविराम होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स लगभग 0.94 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 2.7 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।

अमेरिका के बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। एसएंडपी 500 करीब 1.74 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.01 प्रतिशत नीचे बंद हुए। वहीं नैस्डैक कंपोजिट में 2.38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमतों 107 डॉलर के करीब

इस बीच एशिया सेसहन में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले को 10 दिन के लिए रोक दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने अमेरिका के लिए उपहार के तौर पर होरमुज जलडमरूमध्य से 10 तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी है। अब तक, ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रॉयटर्स के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 1.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 106.65 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

First Published : March 27, 2026 | 8:16 AM IST