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Closing Bell: मजबूत शुरुआत के बाद बाजार ने क्यों लिया U-Turn? सेंसेक्स 122 अंक टूटा; निफ्टी 24196 पर बंद

Closing Bell: शुरुआती मजबूती के बाद बाजार में हालिया बढ़त के मुनाफावसूली हावी हो गई और बाजार उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट में बंद हुए।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 16, 2026 | 3:55 PM IST

Stock Market Closing Bell, 16 April 2026: वैश्विक बाजारों से पॉजिटिव संकेत लेते हुए भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (16 अप्रैल) को मजबूती के साथ खुले। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर सकारात्मक असर पड़ा और बाजार मजबूती के साथ खुला। हालांकि, शुरुआती मजबूती के बाद बाजार में हालिया बढ़त के मुनाफावसूली हावी हो गई और बाजार उतार-चढ़ाव के बीच गिरावट में बंद हुए।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 78,677 अंक पर खुला। बुधवार को यह 78,111 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 78,730 अंक तक चढ़ गया था लेकिन अंत में 122.56 अंक या 0.16 फीसदी की गिरावट लेकर 77,988.68 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 24,385 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,400.95 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,196 पर बंद हुआ।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स

सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट लिमिटेड, इटरनल और अदाणी पोर्ट्स 2 प्रतिशत तक चढ़कर बंद हुए। दूसरी तरफ, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एम एंड एम और भारती एयरटेल सबसे ज्यादा गिरावट में रहने वाले शेयरों में शामिल रहे।

ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने बेंचमार्क एनएसई निफ्टी इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.89 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल और निफ्टी आईटी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा गिरने वाले सेक्टर रहे।

बाजार ने क्यों लिया यूटर्न?

हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन में बढ़त देखने को मिली थी जिसके बाद अब बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी-50 और सेंसेक्स में बिकवाली देखी गई है। पिछले तीन सेशन में सेंसेक्स करीब 3000 अंक चढ़ा है। इसके चलते गुरुवार को निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा काटना शुरू किया।

ऑटो-बैंकिंग शेयरों में दबाव

ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे की तरफ खींचा है। महिंद्रा एंडमहिंद्रा , हीरो मोटोकॉर्प, आयशर मोटर्स जैसे ऑटो शेयरों में गिरावट ने बाजार को कमजोर किया।

निफ्टी रेजिस्टेंस लेवल से नीचे फिसला

निफ्टी को 24,250–24,300 के स्तर के पास लगातार रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जहां बिकवाली का दबाव देखने को मिला और मजबूती के साथ ऊपर निकलने में बाधा आई। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के अनुसार, तकनीकी नजरिए से 24,300–24,400 का स्तर एक अहम रेसिस्टेंस क्षेत्र बना हुआ है और रैली को आगे बढ़ाने के लिए इस दायरे के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट जरूरी है, जिससे इंडेक्स 24,800–25,000 के स्तर तक जा सकता है।

नीचे की ओर, तत्काल सपोर्ट 24,000 के आसपास है, जबकि 23,900–23,800 का दायरा एक मजबूत आधार के रूप में उभरता है, जो प्रमुख मांग क्षेत्र का काम कर सकता है। कुल मिलाकर, बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक बना हुआ है और ऊपरी स्तरों पर समेकन मजबूती का संकेत देता है। रिकवरी के जारी रहने की पुष्टि के लिए प्रतिरोध के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट जरूरी होगा।

Global Markets

भारतीय बाजार के लिए एशियाई बाजारों से भी अच्छी खबर आई है। जापान का निक्केई 225 करीब 1.9 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.8 प्रतिशत ऊपर है। यह तेजी दिखाती है कि पूरे क्षेत्र में निवेशकों का मूड सकारात्मक बना हुआ है, जिसका फायदा भारत को भी मिल सकता है।

अमेरिका के बाजारों ने भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक ने नए रिकॉर्ड बनाए। बैंकिंग सेक्टर की मजबूती ने इस तेजी को और ताकत दी। हालांकि डाउ जोन्स में हल्की गिरावट रही, लेकिन कुल मिलाकर संकेत मजबूत ही हैं, जो भारतीय बाजार के लिए अच्छा संकेत माने जा रहे हैं।

तेल की कीमतों पर टिकी नजर

कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल ज्यादा हलचल नहीं है, लेकिन निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान की बातचीत पर टिकी हुई है। अगर इसमें कोई बड़ा फैसला आता है, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है, क्योंकि भारत तेल का बड़ा आयातक है। गौर करने वाली बात है कि ब्रेंट क्रूड में बड़ा मूव नहीं दिखा, लेकिन यह लगभग स्थिर रहा। इसका अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 0.05 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 94.88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा था।

सोना और चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल रही है। गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.36 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहे थे, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में 0.92 प्रतिशत की ज्यादा तेज बढ़त दर्ज हुई। यह संकेत देता है कि जहां एक तरफ निवेशक शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षित निवेश में भी दिलचस्पी बनी हुई है।

First Published : April 16, 2026 | 8:00 AM IST