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Stock Market Closing Bell, April 21 2026: एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (21 अप्रैल) को मजबूती के साथ बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर आगे बढ़ने की उम्मीद से बाजार में पॉजिटिव माहौल देखने को मिला। आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक समेत अन्य बैंकिंग शेयरों और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी से भी बाजार को सपोर्ट मिला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 78,617.16 अंक पर खुला। जबकि सोमवार को यह 78,520.30 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 79,367 अंक के हाई तक गया। अंत में 753.03 अंक या 0.96 फीसदी की बढ़त लेकर 79,273.33 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 24,374 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 24,600 के पार तक गया। अंत में 211.75 अंक या 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ 24,576 . 60 पर बंद हुआ।
लिवेलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के ने कहा, ”बाजार में तेजी का रुख मुख्य रूप से मैक्रो और बाजार-विशेष कारणों के मिलेजुले प्रभाव के चलते रहा। भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी, खासकर अमेरिका–ईरान स्थिति को लेकर, निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाने में अहम रही। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी समर्थन दिया, जिससे भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देश के लिए महंगाई की चिंता कम हुई और विभिन्न सेक्टरों में मार्जिन की स्थिति बेहतर दिखने लगी।”
उन्होंने कहा, ”घरेलू स्तर पर बैंकिंग सेक्टर ने इस तेजी को मजबूत आधार प्रदान किया। HDFC बैंक और ICICI बैंक के मजबूत Q4 नतीजों के बाद वित्तीय शेयरों में सकारात्मक माहौल बना रहा, जिससे लगातार खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग सेक्टर की मजबूती ने बाजार को सहारा दिया और चल रही तेजी को भरोसेमंद बनाया।”
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट सबसे ज्यादा 3.55 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। हिन्दुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, इटरनल और टीसीएस प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, भरता इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा गिरावट में रहे।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.49 प्रतिशत और 0.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी रियल्टी ने अन्य सेक्टरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी फार्मा सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।
ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने के लिए समझौते पर पहुंचने के उद्देश्य से दूसरी बैठक के लिए इस्लामाबाद में मौजूद रहने की उम्मीद है।हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वे धमकी के बीच बातचीत का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे युद्ध के मैदान में नए कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
उनके बयान से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि सीजफायर की समय सीमा समाप्त होने से पहले कोई समझौता नहीं होता, तो बड़े पैमाने पर बमबारी शुरू हो सकती है।
एशिया के ज्यादातर बाजार मंगलवार सुबह बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जिसमें कोस्पी सबसे आगे रहा। यह इंडेक्स 1.70 प्रतिशत बढ़ा। जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग क्रमशः 1.11 प्रतिशत और 0.23 प्रतिशत की बढ़त पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, इस रुझान के विपरीत ऑस्ट्रेलिया का S&P ASX 200 इंडेक्स 0.14 प्रतिशत गिरावट में रहा।
एशियाई सेशन के दौरान अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स में बढ़त देखी गई। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का इंतजार कर रहे हैं। जबकि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। S&P 500 और डॉव जोन्स दोनों के फ्यूचर्स 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, एस एंड पी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स सोमवार को क्रमशः 0.24 प्रतिशत और 0.01 प्रतिशत की गिरावट में बंद हुए।
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई। ब्रेंट क्रूड करीब 0.47 प्रतिशत फिसलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। सोने में मामूली तेजी रही, जबकि चांदी में गिरावट दर्ज की गई।