प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
Closing Bell: बजट के झटकों से उबरते हुए भारतीय शेयर बाजारों ने सोमवार को कारोबार के आखिरी घंटे में शानदार रिकवरी की। रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एलएंडटी, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक में आखिरी दौर की खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली। बजट से जुड़ी बिकवाली के एक दिन बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों समेत पूरा बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।
बीएसई सेंसेक्स 944 अंक यानी 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 81,666 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी50 263 अंक या 1.06 फीसदी चढ़कर 25,088 पर बंद हुआ।
रविवार, 1 फरवरी को बजट 2026 के स्पेशल सेशन के दौरान सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में दो साल बाद बढ़ोतरी के ऐलान के चलते भारतीय बाजारों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी 1.8 फीसदी से ज्यादा टूट गए थे।
सेंसेक्स में पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, गिरावट की बात करें तो इंफोसिस, एक्सिस बैंक, टीसीएस और ट्रेंट सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, “F&O पर STT बढ़ोतरी और वित्त वर्ष 2027 के लिए सरकार की ज्यादा उधारी योजना के असर से कल बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा था। इसके बाद आज बाजार में स्मार्ट रिकवरी देखने को मिली। वहीं, बजट में नीतिगत निरंतरता, विकास पर साफ फोकस और राजकोषीय अनुशासन ने मध्यम से लंबी अवधि की आय संभावनाओं को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से भी बाजार को कुछ राहत मिली है। यह अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों को दर्शाता है। हालांकि, निकट भविष्य में तीसरी तिमाही के नतीजे अनुमानों से कमजोर रहने और वैश्विक तनाव बने रहने के कारण बाजार का रुझान सतर्क रहने की उम्मीद है।
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LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा, “तेज गिरावट के बाद निफ्टी में मजबूत उछाल देखने को मिला है, जो बाजार की सामान्य प्रतिक्रिया है। हालांकि, व्यापक रुझान अब भी कमजोर बना हुआ है। जब तक इंडेक्स 200-DMA से नीचे रहेगा, तब तक बाजार सेंटीमेंट नेगेटिव रह सकती है। ऐसे में किसी भी उछाल का इस्तेमाल उधार लेकर ली गई लॉन्ग पोजिशन से बाहर निकलने या शॉर्ट पोजिशन बनाने के लिए करना चाहिए।”
डे ने आगे कहा, अपसाइड की ओर देखें तो 25,200 का लेवल तुरंत रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा, जबकि डाउनसाइड की ओर 24,900 के आसपास सपोर्ट दिखाई दे रहा है।
वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निवेशक चीन की फैक्ट्री एक्टिविटी से जुड़े जनवरी के निजी आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान सोने की कीमतों में गिरावट जारी रही और शुक्रवार की कमजोरी आगे बढ़ती दिखी।
अंतिम अपडेट तक चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.01 प्रतिशत की बढ़त पर था, जापान का निक्केई 0.75 प्रतिशत चढ़ा हुआ था, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग 1.34 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.63 प्रतिशत टूट चुका था।
शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि, निवेशकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा केविन वार्श को फेडरल रिजर्व का प्रमुख चुने जाने के फैसले को बड़े पैमाने पर समर्थन दिया। कारोबार के अंत में S&P 500 में 0.43 प्रतिशत, नैस्डैक में 0.94 प्रतिशत और डॉव जोन्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कमोडिटी बाजार में निवेशकों की नजर कीमती धातुओं और बिटकॉइन की कीमतों पर बनी हुई है। जारी अनिश्चितता के बीच बिटकॉइन अप्रैल के बाद पहली बार 80,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया है। यह दर्शाता है कि निवेशक शुक्रवार को सोने और चांदी में आई तेज गिरावट के बाद जोखिम से दूरी बना रहे हैं।
आज कई प्रमुख कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी, जिनमें बजाज हाउसिंग फाइनेंस, हुंडई मोटर इंडिया, इंडस टावर्स, महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स, ओला इलेक्ट्रिक, PB फिनटेक, रेलटेल और टाटा केमिकल्स शामिल हैं। इसके अलावा, रविवार को जारी किए गए लेटेंट व्यू के नतीजों पर भी बाजार की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।