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Stock Market Closing Bell, February 24: एशियाई बाजारों में गिरावट का असर मंगलवार (24 फरवरी) को भारतीय बाजारों में भी देखने को मिला और बेंचमार्क इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट लेकर बंद हुए। बाजार में शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली हावी रही। आईटी और हैवी वेटेज वाले शेयरों में गिरावट ने बाजार को नीचे धकेला। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप ने नए अस्थायी टैरिफ लागू करने का एलान किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम के टैरिफ पर रोक लगाने के बाद 15 प्रतिशत तक के नए अस्थायी टैरिफ लगाया है। इससे पहले अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया। इस फैसले के बाद से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 83,079 अंक पर खुला और खुलते ही 83 हजार के नीचे फिसल गया। कारोबार बढ़ने के साथ बाजार में बिकवाली हावी हो गई। कारोबार के दौरान यह 81,934 अंक लुढ़क गया था। अंत में 1068.74 अंक या 1.28 प्रतिशत की बड़ी गिरावट लेकर 82,225.92 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी सपाट रुख के साथ 25,641 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,327 अंक के इंट्रा-डे लो तक चला गया था। अंत में 288.35 अंक या 1.12 फीसदी गिरकर 25,424 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजारों में तेज गिरावट मुख्य रूप से आईटी स्टॉक्स में कमजोरी के चलते आई। इसका कारण यह है कि वैश्विक स्तर पर एआई (AI) के कारण होने वाली चुनौतियां और ट्रेडिशनल आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंता बढ़ना रहा। इसके अलावा, वैश्विक व्यापार और टैरिफ से जुड़ी चिंताएं भी फिर से सामने आईं। इसमें ट्रम्प के व्यापार समझौतों पर चेतावनी और संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ की खबरें भी शामिल हैं।”
उन्होंने कहा, ”रियल्टी के शेयर भी दबाव में रहे। निवेशक मान रहे हैं कि आईटी सेक्टर की लंबी अवधि की समस्याओं का असर रियल एस्टेट की मांग और कीमतों पर पड़ सकता है। साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति, जिसमें दूतावास कर्मचारियों की निकासी और ईरान की क्षेत्रीय वृद्धि की चेतावनी शामिल है, ने निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ा दी।”
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, एचसीएलटेक, इटरनल, इंफोसिस और टीसीएस सबसे ज्यादा गिरावट में रहने वाले शेयरों में रहे। वहीं, एनटीपीसी, एचयूएल, पावर ग्रिड, टाटा स्टील और अदानी पोर्ट्स बढ़त में रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी मंगलवार को सबसे ज्यादा गिरा। इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी 2.5 प्रतिशत गिरा और निफ्टी मीडिया 1.3 प्रतिशत नीचे रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.32 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 मंगलवार को 0.55 प्रतिशत गिरा।
अमेरिका के राष्ट्रपति के नए अस्थायी टैरिफ लागू किए जाने की घोषणा ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। रिपोर्टों के अनुसार 15 प्रतिशत तक के नए अस्थायी शुल्क लगाए गए हैं। इस बीच US Supreme Court ने इन टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया, लेकिन इससे वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तरह के कदम उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल रहा है।
आईटी सेक्टर के शेयरों में खास तौर पर बिकवाली देखी गई। एचसीएल टेक और कोफोर्ज के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा इंडेक्स के दिग्गज शेयर भारती एयरटेल में भी कमजोरी रही, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना। आईटी कंपनियों पर दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी नीतिगत अनिश्चितता मानी जा रही है, क्योंकि इन कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार से जुड़ा है।
बाजार में मंगलवार को आई गिरावट से निवेशकों के करीब तीन लाख करोड़ डूब गए। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 46,581,314 करोड़ रुपये पर आ गया। जबकि सोमवार को बाजार बंद होने के बाद यह 46,852,324 करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों को 2.71 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
एशिया क्षेत्र के बाजारों में मंगलवार को निवेशकों की बेचैनी देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ की धमकियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सॉफ्टवेयर कंपनियों पर प्रभाव के कारण बाजार में अस्थिरता रही।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.1 प्रतिशत गिरा।
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ।
जापान का निफ्टी 225 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
पिछले दिन अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट रही। निवेशक AI के प्रभाव और शुक्रवार के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जोखिमपूर्ण शेयरों से दूरी बना रहे हैं।
S&P 500 में 1.04 प्रतिशत की गिरावट।
तकनीकी इंडेक्स नैस्डैक कंपोज़िट में 1.13 प्रतिशत की कमी।
डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.66 प्रतिशत नीचे।