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Stock Market Today, June 17: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
दोपहर 12 बजे तक, सेंसेक्स 259.58 अंक यानी 0.34 फीसदी की बढ़त के साथ 77,068.06 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी50 65.60 अंक यानी 0.27 फीसदी चढ़कर 24,054.75 पर पहुंच गया।
दुनियाभर के निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के नतीजों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और उन्हें 3.5 से 3.75 फीसदी के दायरे में बरकरार रख सकता है।
बाजार की नजर फेड अधिकारियों की महंगाई और आर्थिक विकास को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों पर भी रहेगी। हाल के भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर संकेत तलाश रहे हैं।
निफ्टी50 में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल रहे।
वहीं, व्यापक बाजार में खरीदारी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.47 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.68 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मेटल और रियल्टी शेयरों में दबाव देखने को मिला। दूसरी ओर आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मजबूती दर्ज की गई।
एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च प्रमुख राजेश पलविया के अनुसार, निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की और मंगलवार को 135 अंक चढ़कर 23,989.15 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,000 का स्तर भी पार किया। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार खरीदारी और इंडिया VIX में करीब 7% की कमी के कारण देखने को मिली। इससे निवेशकों की चिंता कम हुई है और बाजार का माहौल बेहतर हुआ है।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से डाउ जोंस नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक दबाव में रहा। एशियाई बाजारों में भी मिश्रित रुख देखने को मिल रहा है। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर करीब 78.6 डॉलर प्रति बैरल पर आना भारत के लिए सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है, आयात लागत घट सकती है और कंपनियों की कमाई को समर्थन मिल सकता है। GIFT निफ्टी भी मजबूत शुरुआत के संकेत दे रहा है।
तकनीकी रूप से निफ्टी का रुख अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि 24,000 से 24,050 का स्तर फिलहाल मजबूत रुकावट के रूप में सामने है। यदि निफ्टी इस दायरे को मजबूती से पार नहीं कर पाता है तो हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। नीचे की ओर 23,800 पहला अहम सपोर्ट है, जबकि उसके बाद 23,650 का स्तर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर निफ्टी 24,050 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में नई खरीदारी आ सकती है और इंडेक्स 24,300 से 24,400 के स्तर तक बढ़ सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर भी रहेगी, जो निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
प्राथमिक बाजार में आज निवेशकों के लिए चार SME IPO खुल रहे हैं। इनमें Leapfrog Engineering, Liotech Industries, Diksha Polymers और Clay Craft शामिल हैं।
इनमें Diksha Polymers का 17.90 करोड़ रुपये और Clay Craft का 54 लाख रुपये का इश्यू पूरी तरह फ्रेश इक्विटी शेयरों पर आधारित है। निवेशकों की नजर इन नए इश्यू पर भी बनी रहेगी।