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Stock Market Closing Bell, 10 March 2026: एशियाई बाजारों में बढ़त के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार (10 मार्च) को आखिरकार मजबूती के साथ बंद हुए। इसी के साथ बाजार में पिछले दो ट्रेडिंग सेशन से जारी गिरावट सिलसिला थम गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान में युद्ध पूरा होने के संकेतो से बाजार को राहत मिली। इस खबर के बाद ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों में नरमी आई और इसका बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा। फाइनेंशियल और ऑटो शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा सपोर्ट किया। जबकि आईटी और आयल एन्ड गैस शेयरों ने दबाव डाला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 78,375 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 78,526 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में 639.82 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त लेकर 78,205.98 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,280 पर खुला और खुलते ही 24,300 के पार चला गया। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स में थोड़ी सुस्ती रही लेकिन आखिरी एक घंटे में वापस मजबूती देखने को मिली। अंत में यह 233.55 अंक या 0.97 प्रतिशत बढ़कर 24,261.60 पर बंद हुआ।
सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट और लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर हरीप्रसाद के ने कहा, ”स्ट्रक्चरल नजरिये से देखें तो घरेलू निवेशकों की बढ़ती भूमिका बाजार को मजबूत सहारा दे रही है। अब व्यक्तिगत निवेशकों और घरेलू म्यूचुअल फंड के पास निफ्टी 50 कंपनियों के मुक्त बाजार पूंजीकरण का लगभग 36 प्रतिशत हिस्सा है। इससे वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भी घरेलू पूंजी बाजार को स्थिर रखने वाली ताकत बन गई है।”
उन्होंने कहा, ”आज बाजार में आई तेजी यह दिखाती है कि जब भू-राजनीतिक तनाव कम होने लगते हैं और कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं, तो बाजार का माहौल जल्दी बदल सकता है। हालांकि अभी भी सामान्य हालात की तुलना में उतार-चढ़ाव ज्यादा बना हुआ है, लेकिन तेल की कीमतों में नरमी और बैंकिंग सेक्टर में मजबूती से यह संकेत मिल रहा है कि हाल के जोखिम से बचने वाले दौर के बाद बाजार धीरे-धीरे स्थिर होने की कोशिश कर रहा है।”
एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारक रहेंगे। निवेशक खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर बनाए रखेंगे।
सेंसेक्स की कंपनियों में एम एंड एम, इंडिगो, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा बढ़त में रहने वाले शेयरों में रहे। वहीं, इंफोसिस, इटरनल, आरआईएल, भारती एयरटेल और टीसीएस प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
बड़े इंडेक्स की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1.62 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 2.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी ऑटो सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (बैंक को छोड़कर) इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त देखी गई। निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।
एशियाई बाजारों में मंगलवार को मजबूती देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6 प्रतिशत से अधिक बढ़ा और रीजनल लिहाज से सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार रहा। जापान का निक्केई 225 भी 5 प्रतिशत से अधिक उछला।
वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स थोड़े कमजोर रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका-ईरान युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान हॉर्मुज जलसंधि से तेल सप्लाई रोकता है, तो उसे 20 गुना अधिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
इसके बाद डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और एसएंडपी 500 के फ्यूचर्स क्रमशः 0.22 प्रतिशत और 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। वहीं, सोमवार को अमेरिकी बाजार के डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 0.5 प्रतिशत और एसएंडपी 500 0.83 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड का भाव मंगलवार को 8.53 प्रतिशत गिरकर 85.73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। ब्लूमबर्ग के अनुसार दोपहर 3:30 बजे ब्रेंट क्रूड 7.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.64 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।