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Stock Market Close: सेंसेक्स 1313 अंक लुढ़का, निफ्टी 23,800 पर बंद; वेस्ट एशिया टेंशन का असर

Stock Market Today: ग्लोबल तनाव और ईरान मुद्दे पर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 11, 2026 | 3:56 PM IST

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार आज तेज गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी50 और सेंसेक्स दोनों में बड़ी कमजोरी देखने को मिली। बाजार पर सबसे ज्यादा असर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर के शेयरों की गिरावट का रहा। निफ्टी50 आज 360.30 अंक यानी 1.49% गिरकर 23,815.85 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 1,312.91 अंक यानी 1.70% टूटकर 76,015.28 पर बंद हुआ।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट

निफ्टी50 में टाइटन कंपनी, इंटरग्लोब एविएशन और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सबसे बड़े नुकसान वाले शेयर रहे।

वहीं, बड़े बाजार के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.05% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.13% नीचे बंद हुआ।

सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में करीब 4% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके अलावा रियल्टी, PSU बैंक और मीडिया सेक्टर भी कमजोर रहे। वहीं दूसरी ओर FMCG, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को कुछ सपोर्ट दिया।

पश्चिम एशिया तनाव का असर

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को “अस्वीकार्य” बताया है। इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका बढ़ गई है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है।

तकनीकी विश्लेषण: बाजार में कमजोरी के संकेत तेज

Livelong Wealth के रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर हरिप्रसाद के के अनुसार, निफ्टी ने 24,000 के स्तर के आसपास कमजोर शुरुआत की और पूरे सत्र में लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा।

उन्होंने बताया कि निफ्टी ने 23,900 का महत्वपूर्ण सपोर्ट तोड़ दिया और 23,800 के आसपास ओपन इंटरेस्ट आधारित सपोर्ट के पास बना रहा। इससे बाजार में स्पष्ट कमजोरी का संकेत मिला है।

उनके अनुसार अब 23,900 और 24,000 का स्तर रेजिस्टेंस बन गया है। जब तक निफ्टी इन स्तरों को फिर से पार नहीं करता, तब तक बाजार में दबाव बना रह सकता है।

नीचे की ओर 23,500 एक अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 23,000 का स्तर मीडियम टर्म में मजबूत बेस के रूप में देखा जा रहा है।

RSI भी गिरकर 46 पर आ गया है, जो शॉर्ट टर्म में कमजोरी का संकेत देता है।

बाजार विशेषज्ञ की राय

Geojit Investments के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ऊर्जा बचत और गैर-जरूरी विदेशी यात्रा से बचने की अपील के बाद बाजार में सतर्कता और बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की कमजोरी और करंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव की आशंका बनी हुई है।

विनोद नायर के मुताबिक, भारत की मजबूत राजकोषीय स्थिति और विदेशी मुद्रा भंडार फिलहाल बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं, लेकिन अगर वैश्विक तनाव लंबा खिंचता है तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

साथ ही बढ़ती बॉन्ड यील्ड और लगातार विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली बाजार को निकट भविष्य में रेंज-बाउंड रख सकती है।

First Published : May 11, 2026 | 8:25 AM IST