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Stock Market Crash: सेंसेक्स 1458 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 23500 के नीचे; IT-रियल्टी में भारी बिकवाली

Stock Market Update: पश्चिम एशिया तनाव और ट्रंप के बयान के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 12, 2026 | 4:09 PM IST

Closing Bell: घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी50 और सेंसेक्स दोनों ही इंडेक्स दबाव में रहे और कमजोरी के साथ बंद हुए। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

BSE Sensex में मंगलवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 1,515.40 अंक यानी करीब 1.99 प्रतिशत टूटकर 74,499.91 के स्तर पर आ गया। पूरे दिन बाजार में दबाव बना रहा और निवेशकों की धारणा कमजोर नजर आई।

निफ्टी भी फिसला, दिन के निचले स्तर पर बंद

Nifty 50 भी तेज गिरावट के साथ बंद हुआ। यह 444.50 अंक यानी 1.87 प्रतिशत गिरकर 23,370.20 के स्तर पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने दिन का निचला स्तर भी छुआ, जिससे बाजार में कमजोरी और गहरा गई।

दो दिन से बाजार में कमजोरी का रुख

शेयर बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। निवेशक जोखिम से बचते नजर आए, जिसका असर प्रमुख इंडेक्स पर साफ दिखा। बाजार में चौतरफा कमजोरी रही और अधिकतर सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।

पीएम के बयान और वैश्विक तनाव से बढ़ी चिंता

बाजार पर उस समय दबाव और बढ़ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऊर्जा खपत कम करने, विदेशी यात्रा घटाने और सोने की खरीद पर संयम बरतने की अपील सामने आई। इससे पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर गहरे असर की आशंका और बढ़ गई।

वैश्विक स्तर पर भी तनाव का माहौल बना हुआ है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है।

अमेरिका-ईरान तनाव से भी बिगड़ा निवेश माहौल

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के साथ एक महीने पुराना संघर्ष विराम “गंभीर खतरे” में है। उनके अनुसार ईरान की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया है, वह स्वीकार्य नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा हालात में संघर्ष विराम कमजोर स्थिति में बना हुआ है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और तेज हो गई, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

ब्रेंट क्रूड के मई अनुबंध में 2.53 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 106.85 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह वृद्धि इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर देखी गई।

विश्लेषकों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आपूर्ति बाधित रहने की आशंका बनी हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इससे महंगाई और आयात लागत पर दबाव बढ़ने की संभावना है।

सेक्टरवार प्रदर्शन: IT और रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट

सेक्टरवार देखें तो आईटी और रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली।

  • Nifty IT और Nifty Realty में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई
  • Nifty Consumer Durables और Nifty Media भी दबाव में रहे
  • इसके विपरीत Nifty Metal और Nifty Oil and Gas सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और कुछ हद तक बाजार को सपोर्ट दिया
First Published : May 12, 2026 | 8:33 AM IST