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Stock Market Today, May 18: मंगलवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और अंत में मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। बैंकिंग, फाइनेंशियल और मेटल सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे पूरे बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई।
बीएसई सेंसेक्स 114.19 अंक यानी 0.15 प्रतिशत गिरकर 75,200.85 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 31.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,618 पर बंद हुआ।
दिनभर के कारोबार में दोनों प्रमुख इंडेक्स ने कई बार उतार-चढ़ाव देखा, लेकिन अंत में बढ़त कायम नहीं रख सके।
विदेशी बाजार में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर दबाव बना रहा। कारोबार के दौरान रुपया 25 पैसे कमजोर होकर 96.61 के नए निचले स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि, दिन के अंत में यह थोड़ा संभला और 95.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछला बंद स्तर 95.36 था। रुपये की यह गिरावट बाजार की धारणा पर भी असर डालती दिखी।
लिवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक हरिप्रसाद के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,600 का स्तर फिलहाल सबसे अहम सपोर्ट बन गया है। इस स्तर पर भारी पुट ओपन इंटरेस्ट और मजबूत पुट वॉल दिखाई दे रही है।
इसके नीचे 23,550 का स्तर भी एक महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। अगर बाजार में और कमजोरी आती है तो 23,500 और फिर 23,300 के स्तर पर भी खरीदारी देखने को मिल सकती है, जहां पहले भी मजबूत डिमांड बनी थी।
ऊपरी स्तरों की बात करें तो 23,650 पर तुरंत रेजिस्टेंस देखने को मिल रहा है, जहां कॉल ओपन इंटरेस्ट का दबाव है।
इसके बाद 23,700 और 23,800 के स्तर बड़े रेजिस्टेंस जोन के रूप में काम कर रहे हैं। ये स्तर पिछले स्विंग हाई से भी जुड़े हुए हैं, जहां बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
फ्यूचर्स और ऑप्शंस के आंकड़े बताते हैं कि जब तक किसी तरफ साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक बाजार सीमित दायरे में ही रह सकता है। अगर निफ्टी 23,800 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो थोड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 23,600 के नीचे गिरावट आने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार बाजार का मोमेंटम फिलहाल कमजोर से न्यूट्रल बना हुआ है। RSI (14) करीब 44 के आसपास है, जो यह दिखाता है कि बाजार में अभी कोई मजबूत दिशा नहीं बन रही है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रुपक डे के अनुसार, पूरे सत्र में निफ्टी सीमित दायरे में ही रहा क्योंकि निवेशक बड़े दांव लगाने से बचते नजर आए।
उन्होंने कहा कि ऊपर की ओर 20 EMA के पास इंडेक्स को लगातार रेजिस्टेंस मिल रहा है, जिसके चलते बाद के सत्र में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली। घंटे के चार्ट पर RSI में बेयरिश क्रॉसओवर बना हुआ है, जो कमजोर मोमेंटम का संकेत देता है।
रुपक डे के अनुसार, बाजार का रुझान अल्पकाल में हल्का कमजोर रह सकता है। 23,800 का स्तर अभी भी एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है।
जब तक निफ्टी इस स्तर को मजबूती से पार नहीं करता, तब तक बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। नीचे की ओर 23,400 का स्तर तुरंत सपोर्ट है और इसके नीचे जाने पर गिरावट तेज हो सकती है।
इस बीच आम लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर ईंधन कीमतों से जुड़ी रही। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई। पिछले एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं।