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Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। घरेलू बाजारों को रुपये में आई मजबूती और बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं के शेयरों में खरीदारी से समर्थन मिला।
सत्र के अंत में निफ्टी 50 में 64.60 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,719.30 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स 231.99 अंक चढ़कर 75,415.35 पर बंद हुआ।
भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत प्रदर्शन किया। दिन के कारोबार में रुपया 51 पैसे की बढ़त के साथ 95.69 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। हालांकि, कारोबार खत्म होने पर यह 96.20 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 में ट्रेंट, श्रेयम फाइनेंस और एक्सिस बैंक जैसे शेयर सबसे ज्यादा बढ़त के साथ प्रमुख लाभ में रहे। इन शेयरों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला।
ब्रॉडर मार्केट में मिश्रित रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.14 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.15 प्रतिशत की गिरावट में रहा।
सेक्टोरल स्तर पर निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को मजबूती दी। वहीं दूसरी ओर निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मीडिया में कमजोरी दर्ज की गई।
SBI सिक्योरिटीज के हेड टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के अनुसार निफ्टी ने कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूत बढ़त के साथ की और दिनभर धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ता गया। हालांकि अंतिम घंटे में मुनाफावसूली देखने को मिली, जिससे शुरुआती बढ़त का एक हिस्सा खत्म हो गया। अंत में निफ्टी 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,719 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञ के मुताबिक निफ्टी ने एक बार फिर 20 दिन के ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर जाने की कोशिश की, लेकिन उस स्तर पर मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिला और इंडेक्स हल्के अंतर से इसके नीचे ही बंद हुआ।
पिछले नौ कारोबारी सत्रों से निफ्टी 23,860 से 23,263 के दायरे में कंसोलिडेशन कर रहा है। आरएसआई फ्लैट बना हुआ है, जो कमजोर दिशा संकेत देता है, जबकि एडीएक्स का फ्लैट रहना बाजार में कम वोलैटिलिटी को दर्शाता है।
सुदीप शाह के अनुसार निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस 23,870 से 23,900 के बीच है। अगर इंडेक्स इस स्तर को मजबूती से पार कर लेता है, तो यह 24,050 की ओर बढ़ सकता है और आगे चलकर 24,200 तक भी पहुंचने की संभावना बन सकती है।
वहीं नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,570 से 23,550 का स्तर तुरंत सपोर्ट के रूप में काम करेगा।
जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार हल्के सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करते दिखे। बाजार को निचले स्तरों पर खरीदारी और वैश्विक स्तर पर मिल रहे कुछ सकारात्मक संकेतों से समर्थन मिला है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीदों ने भी निवेशकों की धारणा को थोड़ा बेहतर किया है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर एआई निवेश थीम बाजारों के लिए प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। वहीं घरेलू बाजार में वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने तेजी को लीड किया, जबकि ऑटो और उपभोक्ता सेक्टर में भी चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।
नायर के मुताबिक, मौजूदा समय में बाजार एक सीमित दायरे में बना हुआ है। घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की लगातार खरीदारी गिरावट को सीमित कर रही है, जबकि विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली तेजी पर दबाव बना रही है। इसी वजह से बाजार में ‘गिरावट पर खरीदें और तेजी पर बेचें’ जैसी स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार में मजबूत और स्थायी तेजी के लिए भू-राजनीतिक स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जरूरी है। इससे मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति बेहतर होगी और विदेशी निवेशकों की धारणा भी मजबूत हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब कंपनियां कमजोर Q1FY27 नतीजों की ओर बढ़ रही हैं।