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Closing Bell: सेंसेक्स 479 अंक फिसला, निफ्टी 23,914 पर बंद; ग्लोबल टेंशन का असर

Stock Market Today: वैश्विक तनाव और कमजोर संकेतों के बीच घरेलू बाजार की सुस्त शुरुआत के आसार हैं, जबकि आज कई बड़ी कंपनियों के Q4 नतीजे और IPO पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- May 26, 2026 | 4:03 PM IST

Stock Market Today, May 26: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कमजोरी देखने को मिली। दक्षिणी ईरान में अमेरिका की ओर से की गई रक्षात्मक कार्रवाई के बाद शांति समझौते की उम्मीदों पर असर पड़ा, जिससे वैश्विक निवेश धारणा कमजोर हुई। इसका सीधा प्रभाव घरेलू बाजारों पर भी पड़ा और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।

Nifty 50 118.00 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,913.70 पर बंद हुआ। वहीं BSE Sensex 479.26 अंक यानी 0.63 प्रतिशत टूटकर 76,009.70 पर बंद हुआ।

टॉप लूजर्स स्टॉक्स

निफ्टी 50 में अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज, विप्रो और भारती एयरटेल सबसे ज्यादा नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल रहे। इन स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुख

मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने मुख्य सूचकांकों से अलग प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन के दौरान नए उच्च स्तर पर पहुंचा, हालांकि अंत में यह बढ़त सीमित रही। स्मॉलकैप इंडेक्स भी 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

सेक्टोरल प्रदर्शन

सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर भी दबाव में रहे।

वहीं दूसरी ओर मेटल और केमिकल सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को कुछ हद तक सपोर्ट दिया। PSU बैंक और प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी कमजोर रहे, जबकि IT और मेटल सेक्टर में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली।

बाजार पर विशेषज्ञ की राय

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी शुरुआती उम्मीदें तब कमजोर पड़ गईं जब दक्षिणी ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आईं। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और रुपये की हालिया मजबूती भी दबाव में आ गई।

उन्होंने कहा कि मासिक F&O एक्सपायरी के चलते तकनीकी स्तर पर बिकवाली और बढ़ गई, खासकर ऐसे माहौल में जब पहले से ही बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति हावी थी। इसका असर यह हुआ कि घरेलू शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।

हालांकि, मिडकैप सेगमेंट ने मजबूती दिखाई और कारोबार के दौरान यह इंडेक्स नए ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गया। यह संकेत देता है कि घरेलू आय और कमाई को लेकर निवेशकों का भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है। साथ ही, लगातार जारी डीआईआई निवेश भी बाजार को सहारा दे रहा है, जबकि एफआईआई की निकासी से सेंटीमेंट पर दबाव बना हुआ है।

नायर के मुताबिक, कच्चे तेल में साप्ताहिक आधार पर गिरावट बनी हुई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार अभी भी पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहा है।

First Published : May 26, 2026 | 8:32 AM IST