Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को पूरे कारोबारी सत्र के दौरान सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए।
30 शेयरों वाला BSE Sensex 381 अंक की बढ़त लेकर 78,339.24 पर खुला। लेकिन अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख सका। दिन के कारोबार के दौरान इस इंडेक्स ने 78,384.70 के हाई और 77,713.21 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15% की गिरावट लेकर 77,844.52 पर बंद हुआ।
इसी तरह, 50 शेयरों वाला NSE का निफ्टी-50 24,398.50 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान इस इंडेक्स ने 24,482.10 के हाई और 24,284.00 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में निफ्टी-50 4.40 अंक यानी 0.02% फिसलकर 24,326.65 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, कोटक बैंक, टाटा स्टील और इटरनल टॉप-5 गेनर्स रहे। इनमें 0.66% से 2.04% तक की तेजी देखी गई। इसके अलावा, एशियन पेंट्स, BEL, लार्सन एंड टुब्रो, मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और ट्रेंट लाभ में रहे।
वहीं, दूसरी तरफ HUL, TCS, टेक महिंद्रा, टाइटन और सन फार्मा टॉप-5 लूजर्स रहे। इनमें करीब 1% से 2% तक की गिरावट देखी गई। इसके अलााव, ITC, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, HCL टेक, इंफोसिस, एयरटेल, इंडिगो, SBI, रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक घाटे में रहे।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 1.20% और 0.97% की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी आईटी और निफ्टी एफएमसीजी कमजोर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। वहीं, निफ्टी ऑटो ने बेहतर प्रदर्शन किया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, “ग्लोबल बाजारों से मिले मिक्स रुझानों के बीच घरेलू शेयर बाजार बढ़त और गिरावट के बीच झूलते रहे। हालांकि रुपये में मजबूती देखने को मिली। बाजार के कुछ हिस्सों में चुनिंदा जोखिम लेने का ट्रेंड भी नजर आया, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने लार्जकैप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।”
उन्होंने आगे कहा कि सेक्टोरल स्तर पर ऑटो, हेल्थकेयर और फाइनेंशियल सेवाओं से जुड़े शेयरों में बढ़त रही, जबकि आईटी और एफएमसीजी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। आगे चलकर चौथी तिमाही के नतीजे और कंपनियों की प्रबंधन टिप्पणी बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे। हालांकि, पश्चिम एशिया से स्पष्ट संकेत मिलने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने के बदले नाकेबंदी खत्म करने पर सहमति बनने की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.74% गिरकर 98.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं।
नायर ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की संभावित सहमति की खबरों से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे निकट अवधि में महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि, परमाणु संवर्धन वार्ता को लेकर अनिश्चितता के बीच यह आशावाद जल्द ही कमजोर पड़ गया और निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।