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Balrampur Chini से Triveni तक, एक्साइज ड्यूटी कट के बाद कौन से Sugar Stocks पर है एक्सपर्ट्स का दांव?

सरकार के बड़े फैसले से चीनी शेयरों में आई जोरदार तेजी, कई स्टॉक्स 5% तक उछले, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

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अभिनव रंजन   
Last Updated- June 11, 2026 | 2:09 PM IST

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार दबाव में नजर आया, लेकिन चीनी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। सरकार के एक फैसले के बाद निवेशकों का रुझान चीनी कंपनियों की ओर बढ़ गया, जिससे कई शेयरों में 5 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।

दरअसल, सरकार ने अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में छूट जारी रखने का फैसला किया है। बाजार का मानना है कि इससे एथेनॉल की मांग बढ़ेगी और चीनी कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।

किन शेयरों में आई सबसे ज्यादा तेजी?

इस खबर के बाद धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स और एसबीईसी शुगर के शेयर 5 फीसदी तक चढ़कर अपने ऊपरी सर्किट पर पहुंच गए। वहीं द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और धामपुर शुगर मिल्स के शेयरों में 2 से 4 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा डालमिया भारत शुगर, बलरामपुर चीनी मिल्स और बजाज हिंदुस्तान शुगर के शेयर भी 1 से 2 फीसदी तक मजबूत हुए।

सरकार ने क्या फैसला लिया है?

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने 22 फीसदी, 25 फीसदी, 27 फीसदी और 30 फीसदी एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी हटा दी है। यानी E22, E25, E27 और E30 ग्रेड के पेट्रोल पर अब यह कर नहीं लगेगा। यह पहली बार है जब E20 से ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को इतना बड़ा कर लाभ दिया गया है। इससे भविष्य में E20 से ऊपर के फ्यूल ग्रेड को बाजार में लाने का रास्ता भी आसान हो जाएगा।

क्यों अहम है यह फैसला?

भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में सरकार लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है ताकि कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो सके। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को और बढ़ावा देना चाहती है। अगर तेल विपणन कंपनियां एथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाती हैं, तो इससे चीनी और एथेनॉल बनाने वाली कंपनियों की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

चीनी कंपनियों को कैसे होगा फायदा?

एथेनॉल की मांग बढ़ने से चीनी कंपनियों को सिर्फ चीनी बेचने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्हें एथेनॉल से भी बेहतर कमाई का मौका मिलेगा। इससे चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम होगा और कंपनियों के नकदी प्रवाह में भी सुधार आ सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि यह फैसला चीनी सेक्टर के लिए लंबे समय में सकारात्मक है क्योंकि इससे एथेनॉल उत्पादकों के लिए मांग की स्पष्ट तस्वीर बनती है। साथ ही कंपनियों को अपने उत्पादों का बेहतर मिश्रण तैयार करने का मौका मिलेगा, जिससे मुनाफा बढ़ सकता है।

किन शेयरों पर है विशेषज्ञों की नजर?

पोनमुडी आर के मुताबिक, बलरामपुर चीनी मिल्स, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज और ईआईडी पैरी इस सेक्टर में उनकी पसंदीदा कंपनियां हैं। इसकी वजह इन कंपनियों की मजबूत एथेनॉल उत्पादन क्षमता और विविध कारोबार मॉडल हैं।

वहीं एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख सनी अग्रवाल का मानना है कि सरकार उपभोक्ताओं को कर छूट देकर ज्यादा एथेनॉल वाले ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहती है। इससे एथेनॉल क्षेत्र की कंपनियों को मजबूत समर्थन मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बलरामपुर चीनी मिल्स उनकी पहली पसंद बनी हुई है। कंपनी की एथेनॉल उत्पादन क्षमता 34 से 35 करोड़ लीटर तक है। इसके अलावा अगर सरकार आने वाले महीनों में एथेनॉल की खरीद कीमत बढ़ाती है, तो कंपनी की कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : June 11, 2026 | 1:59 PM IST