भारत का टेक्सटाइल सेक्टर एक बार फिर चर्चा में है। पिछले कई सालों से चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों ने वैश्विक कपड़ा कारोबार में अपनी पकड़ मजबूत की, जबकि भारत की हिस्सेदारी लगभग 3-4 फीसदी के आसपास ही बनी रही। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं। सरकार की नई योजनाएं, तेजी से बढ़ता घरेलू बाजार, कई देशों के साथ होने वाले व्यापार समझौते और चीन के मुकाबले भारत को मिलने वाला टैरिफ फायदा सेक्टर के लिए अच्छी खबर माने जा रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में टेक्सटाइल शेयरों को लेकर फिर से उत्साह बढ़ रहा है।
ब्रोकरेज फर्म Emkay का मानना है कि भारत टेक्सटाइल सेक्टर एक बड़े मौके के सामने खड़ा है। सरकार की PLI स्कीम, PM MITRA पार्क और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में बढ़ते निवेश से कंपनियों को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भी भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खोल सकते हैं।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच उसकी कवरेज वाली कंपनियों की बिक्री सालाना 21 फीसदी की दर से बढ़ सकती है। वहीं ऑपरेटिंग मुनाफा 34 फीसदी और शुद्ध मुनाफा 45 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है।
कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी टैरिफ जैसे कई झटकों के बावजूद भारतीय टेक्सटाइल कंपनियां मजबूती से खड़ी रही हैं। रिपोर्ट का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से फिलहाल ऊर्जा और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है, लेकिन हालात सामान्य होने पर इसमें राहत मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में दुनिया में कपास की मांग ज्यादा और आपूर्ति कम रह सकती है। मौसम से जुड़ी चुनौतियों की वजह से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। इस साल अब तक देश में कपास की कीमतें करीब 15 फीसदी और कॉटन यार्न की कीमतें करीब 29 फीसदी बढ़ चुकी हैं। इसका फायदा कॉटन स्पिनिंग कंपनियों को मिल सकता है।
टेक्निकल टेक्सटाइल को इस सेक्टर का सबसे तेज बढ़ने वाला हिस्सा माना जा रहा है। इसका इस्तेमाल रक्षा क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स और कई दूसरे क्षेत्रों में होता है। अच्छी बात यह है कि इस कारोबार में सामान्य टेक्सटाइल के मुकाबले ज्यादा मुनाफा मिलता है। इसलिए कई कंपनियां इस सेगमेंट पर फोकस बढ़ा रही हैं।
Emkay ने Arvind, Nitin Spinners और Sanathan Textiles पर BUY रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि सेक्टर में सुधार, बढ़ती घरेलू मांग, निर्यात के अवसर और बेहतर मुनाफे की वजह से ये कंपनियां आने वाले वर्षों में अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।
| कंपनी | रेटिंग | मौजूदा भाव (रुपये) | टारगेट प्राइस (रुपये) | संभावित रिटर्न (%) |
|---|---|---|---|---|
| अरविंद (Arvind) | खरीदें (BUY) | 494 | 700 | 42% |
| नितिन स्पिनर्स (Nitin Spinners) | खरीदें (BUY) | 536 | 750 | 40% |
| सनाथन टेक्सटाइल्स (Sanathan Textiles) | खरीदें (BUY) | 395 | 550 | 39% |
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए फिलहाल कई चीजें एक साथ सकारात्मक नजर आ रही हैं। अगर सरकार की योजनाएं और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ते हैं, तो भारत वैश्विक टेक्सटाइल कारोबार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। यही वजह है कि कई विश्लेषक अब इस सेक्टर को फिर से निवेशकों के रडार पर देख रहे हैं।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)