टेक-ऑटो

क्या पेट्रोल-डीजल कारों की होगी छुट्टी? टाटा मोटर्स ने बताया क्यों तेजी से किफायती हो रहे हैं EV

बैटरी की घटती कीमतों और नए कड़े नियमों के कारण इलेक्ट्रिक वाहन अब पेट्रोल-डीजल गाड़ियों की तरह किफायती और टाटा मोटर्स के लिए मुनाफेमंद साबित हो रहे हैं

Published by
सोहिनी दास   
Last Updated- May 16, 2026 | 10:34 AM IST

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (टीएमपीवीएल) ने कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की किफायत में लगातार सुधार हो रहा है और यह अंततः आईसीई यानी पेट्रोल-डीजल वाले वाहनों की तरह ही लाभदायक हो सकते हैं। इसका कारण बैटरी और ईवी-सिस्टम की लागत में लगातार गिरावट आना है, जबकि पेट्रोल और डीजल वाहनों पर नियामकीय लागत बढ़ रही हैं।

वित्त वर्ष 2026 की अर्निंग्स कॉल के दौरान प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्या​धिकारी शैलेश चंद्रा ने कहा कि कंपनी इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों में पहले से ही मजबूत लाभ देख रही है। चंद्रा ने कहा, ‘जहां तक ईवी की बात है, हमारी मुनाफे की स्थिति काफी अच्छी है। आईसीई के मुकाबले इसमें कोई खास कमी नहीं आई है।’ 

उन्होंने कहा कि भविष्य के उत्सर्जन मानक और कड़े नियम आईसीई वाहनों को और भी महंगा बना सकते हैं, क्योंकि इन मानकों का पालन करने के लिए ज्यादा उन्नत तकनीक की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, ‘भविष्य में आईसीई के लागत ढांचे में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि उत्सर्जन मानकों को पूरा करने के लिए कई तरह के नियमों का पालन करना होगा और ज्यादा तकनीक का इस्तेमाल करना पड़ेगा।’

इसके विपरीत, ईवी की लागत समय के साथ तेजी से कम हो रही है। इसमें बैटरी की लागत में कमी, स्थानीयकरण और कारोबार में इजाफा होने से मदद मिल रही है। लीथियम और बैटरी के कच्चे माल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद ईवी की किफायत में सुधार हो रहा है। 

लीथियम की वैश्विक कीमतों में 2022 के ऊंचे स्तर से भारी गिरावट आई थी, जिसकी वजह जरूरत से ज्यादा आपूर्ति और खदानों का तेजी से विस्तार था। इससे पिछले दो साल में ईवी बैटरी की लागत-दक्षता बेहतर बनाने में मदद मिली है। चंद्रा ने कहा, ‘ईवी के मामले में लागत में काफी कमी आई है। इसलिए इससे मध्य से लंबी अवधि के नजरिये से इलेक्ट्रिक वाहनों की किफायत को आईसीई के बराबर या उससे बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।’

कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में ईवी की थोक बिक्री 92,000 वाहन के पार पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 43 प्रतिशत ज्यादा है। इसकी मदद से टाटा मोटर्स लगातार सातवें साल ईवी बाजार में अपना दबदबा बनाए रखने में कामयाब रही। उसकी बाजार भागीदारी करीब 40 प्रतिशत रही। अब ईवी और सीएनजी गाड़ियां कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री में 43 प्रतिशत का योगदान देती हैं।

First Published : May 16, 2026 | 9:14 AM IST