विशाखापत्तनम में आयोजित समारोह में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, विमानन मंत्री राम मोहन नायडू, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और अन्य
तकनीक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में एक व्यापक एवं एकीकृत आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया। कंपनी इस भारी भरकम एवं महत्त्वपूर्ण परियोजना पर अगले कुछ वर्षों के दौरान 15 अरब डॉलर निवेश करेगी। कंपनी ने लगभग 19 साल पहले हैदराबाद में अपना दफ्तर खोल कर भारत में कदम रखा था। गूगल ने इस क्षेत्र में एक मजबूत एआई गलियारा बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई है जिसमें स्थानीय स्रोतों से खरीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच गूगल एआई हब से देश में तकनीक की मदद से होने वाले कार्यों की बढ़ती मांग पूरी होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह लाखों भारतीयों के लिए जेमिनाई और गूगल सर्च जैसी प्रमुख सेवाओं को और ताकत प्रदान करेगा। परियोजना पूरी होने पर कम से कम 2,00,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की भी संभावना है।
गूगल ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं गूगल क्लाउड के उपाध्यक्ष विकास कोले ने कहा, ‘यह निवेश एक बड़ा आर्थिक बदलाव लाएगा। हम यहीं पर एक मजबूत एआई औद्योगिक गलियारे के निर्माण को प्रोत्साहित कर रहे हैं और क्षमता बढ़ाने और आंध्र प्रदेश को भारत के उभरते तकनीकी भविष्य के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए स्थानीय खरीद को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी प्रतिबद्धता एआई बुनियादी ढांचे से कहीं आगे तक फैली हुई है।’
फिलहाल भारत में गूगल के कार्यालय हैदराबाद, बेंगलूरु, गुरुग्राम, मुंबई और पुणे में हैं। भारत में कंपनी का पहला कार्यालय 2007 में हैदराबाद में स्थापित किया गया था जो एक इंजीनियरिंग केंद्र के रूप में कार्य करता है।
गूगल क्लाउड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थॉमस कुरियन ने कहा, ‘यह एआई हब सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन को गति देने के लिए तैयार की गई एक रणनीतिक योजना है। हम अपने संपूर्ण एआई सूट को तैनात कर रहे हैं ताकि प्रत्येक भारतीय उपभोक्ता और प्रत्येक उद्यम को तेज तकनीक और आवश्यक उपकरण प्रदान किए जा सकें। हम स्थानीय प्रणाली में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि व्यवसायों और उद्यमियों को सशक्त बनाया जा सके और एक स्थायी भविष्य के निर्माण के लिए कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा सके।’
एआई हब में विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क के लिए अमेरिका-इंडिया कनेक्ट पहल और एक दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा रणनीति भी शामिल है जो बिजली ग्रिड में नई स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति लाने को प्राथमिकता देती है। इससे 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को गति मिलेगी। कंपनी ने कहा कि विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे विकसित कर वह भारत के डिजिटल बैकबोन की मजबूती बढ़ाने और मुंबई और चेन्नई में मौजूदा लैंडिंग में विविधता लाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
परियोजना की रूपरेखा सितंबर 2024 में राज्य मंत्री नारा लोकेश और गूगल टीम के साथ हुई बैठक में तैयार हुई और अक्टूबर 2025 में इसे अंतिम रूप दिया गया। इस परियोजना में भारत का पहला गीगावॉट-स्तरीय एआई हब शामिल है जिसमें तीन डेटा सेंटर परिसर हैं। अदाणीकॉनेक्स और एयरटेल द्वारा विकसित एनएक्सट्रा डेटा सेंटर भवनों और संपर्क ढांचे (कनेक्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण का नेतृत्व करेंगी जिससे गूगल उन्नत एआई क्षमताओं का इस्तेमाल कर पूरे भारत में डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर सकेगी।
यह एआई हब व्यवसायों और संगठनों को दमदार प्रदर्शन करने वाली और लो लेटेंसी (कम देरी वाली) सेवाएं प्रदान करेगा। लोकेश ने कहा,‘एक बार शुरू होने के बाद यह एआई हब कम से कम 2.00,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगा। मुझे उम्मीद है कि यह विकसित भारत के पहले 1 लाख करोड़ डॉलर के आर्थिक क्षेत्रों में से एक होगा।’
केंद्रीय सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गूगल से भारत में अपने सर्वरों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया क्योंकि डेटा केंद्रों को बड़े सर्वरों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कंपनी से भारत में ओएसएटी और अन्य मेमरी चिप विकसित करने के लिए भी कहा।
वैष्णव ने कहा,‘मैं गूगल के साथ-साथ अन्य उद्योग प्रतिभागियों से ऐसे प्रस्ताव आमंत्रित करता हूं जहां हम ऊर्जा दक्षता को और बढ़ा सकें। हमें जल खपत कम करने का प्रयास करना चाहिए। मैं उद्योग से आग्रह करूंगा कि सरकार से जो भी बन पड़ेगा वह किया जाएगा। हम अनुसंधान, पुनर्चक्रण और अपशिष्ट जल के उपयोग में आपका पूरा समर्थन करेंगे।’
फरवरी 2025 में गूगल ने बेंगलूरु में अपने अनंत कार्यालय का उद्घाटन किया जो वैश्विक स्तर पर कंपनी के सबसे बड़े कार्यालयों में से एक है। बेंगलूरु में एआई/एमएल और गूगल क्लाउड पर केंद्रित नवाचार केंद्र स्थित हैं। एपीएसी क्षेत्र का पहला गूगल सुरक्षा इंजीनियरिंग केंद्र (जीएसईसी) भारत भी जून 2025 में हैदराबाद में शुरू किया गया जिसका मकसद एआई सुरक्षा ढांचे को विकसित करना है।
पिछले तीन वर्षों में गूगल ने क्लाउड बूस्ट, जेमिनाई अकादमी और ग्रो विद गूगल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 15 लाख से अधिक भारतीयों को प्रशिक्षित किया है।