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Honda Cars का दावा: पश्चिम एशिया संकट से सप्लाई चेन प्रभावित, पर उत्पादन और मांग पर असर नहीं

कंपनी का दावा है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते सप्लाई चेन में दिक्कतें होने के बावजूद होंडा कार्स इंडिया के उत्पादन और उपभोक्ता मांग पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है

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दीपक पटेल   
Last Updated- May 22, 2026 | 11:14 PM IST

मौजूदा प​श्चिम ए​शिया संकट से होंडा कार्स इंडिया (एचसीआईएल) के लिए आपूर्ति श्रृंखला और लॉजि​स्टिक संबं​धित कुछ समस्याएं पैदा हुई हैं, लेकिन फिलहाल कंपनी के उत्पादन या भारतीय बाजार में उपभोक्ता मांग पर असर नहीं पड़ा है। एचसीआईएल के अध्यक्ष और मुख्य कार्या​धिकारी ताकाशी नकाजिमा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इसके अलावा, नकाजिमा ने यहां नई होंडा सिटी और मजबूत हाइब्रिड एसयूवी होंडा जेडआर-वी लॉन्च करने के बाद संवाददाताओं को बताया कि कंपनी ने अभी तक अपनी कारों पर ई25 या ई27 ईंधन का परीक्षण नहीं किया है, क्योंकि ईंधन के नमूने उपलब्ध नहीं हैं।

इस समय भारत में ई20 ईंधन अनिवार्य है और यह देश भर के सभी पंपों पर बेचा जाता है। इस ईंधन में 80 प्रतिशत पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल होता है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए सरकार एथेनॉल सामग्री को लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रयास कर रही है। भारत अपनी खपत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। एथेनॉल का उत्पादन देश में ही गन्ने जैसे कृषि से जुड़े कच्चे माल से किया जाता है।

संघर्ष के असर के बारे में पूछने पर नकाजिमा ने कहा, ‘हमें मांग में ज्यादा बदलाव नजर नहीं आ रहा है।’ उत्पादन के बारे में उन्होंने कहा कि अब तक स्थिति काबू में है। इस संघर्ष की वजह से कलपुर्जों की आपूर्ति, गैस की आपूर्ति, माल ढुलाई की लागत और शिपिंग में देरी से जुड़ी कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। नकाजिमा ने कहा, ‘बेशक, कुछ मुश्किलें हैं। लेकिन उत्पादन के आंकड़ों में कोई बदलाव नहीं आया है।’

भारत के ई25 या ई27 जैसे ज्यादा अनिवार्य एथेनॉल मिश्रण संबं​धित प्रस्तावित बदलाव पर होंडा ने कहा कि कंपनी ने अभी तक कोई असल टेस्टिंग नहीं की है, क्योंकि ईंधन के सैंपल अभी भी उपलब्ध नहीं हैं। नकाजिमा ने यह भी कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से माइलेज पर बुरा असर पड़ सकता है। 

First Published : May 22, 2026 | 11:01 PM IST