प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भारत के यात्री वाहन (पीवी) बाजार में फरवरी में जबरदस्त उछाल आई और बिक्री 4,17,705 वाहन तक पहुंच गई। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 10.6 फीसदी ज्यादा है। इसका कारण यह है कि पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती के बाद उपभोक्ताओं का मनोबल सकारात्मक बना रहा। भारतीय वाहन निर्माताओं के संगठन (सायम) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी।
दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री ने भी फरवरी में अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ और क्रमशः 18,71,406 और 74,573 वाहनों की बिक्री हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 35.2 फीसदी और 29 फीसदी ज्यादा है। इससे देश के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में मजबूत रफ्तार का संकेत मिलता है। यात्री वाहन सेगमेंट में मारुति सुजुकी इंडिया ने 1,61,000 वाहनों की बिक्री के साथ देसी बाजार में बढ़त की अगुआई की, जो फरवरी 2025 की तुलना में 0.13 फीसदी की मामूली वृद्धि है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा 60,018 वाहनों के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसने सालाना आधार पर 19.04 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की।
ह्युंडै मोटर इंडिया ने फरवरी में 52,407 वाहन बेचे जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.81 फीसदी अधिक हैं। वहीं, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की बिक्री में भी 16.62 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी हुई और उसने 30,734 गाड़ियां बेचीं। किआ इंडिया ने 27,610 वाहनों की बिक्री के साथ पांच अग्रणी कंपनियों में जगह बनाई और उसने पिछले वर्ष की तुलना में 10.33 फीसदी का इजाफा दर्ज किया। टाटा मोटर्स की फरवरी की बिक्री का विवरण सायम के आंकड़ों में नहीं है।
दोपहिया वाहनों की बिक्री में हीरो मोटोकॉर्प सबसे आगे रही। उसने 5,16,968 वाहनों की बिक्री की, जो एक साल पहले की फरवरी की तुलना में 44.68 फीसदी अधिक है। होंडा मोटरसाइकल ऐंड स्कूटर इंडिया 5,13,217 वाहनों की बिक्री के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसने सालाना आधार पर 33.68 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की।
टीवीएस मोटर कंपनी ने 3,65,471 वाहन बेचे। यह पिछले वर्ष की तुलना में 32.38 फीसदी की वृद्धि है। बजाज ऑटो की बिक्री में 27.39 फीसदी का इजाफा हुआ और कुल बिक्री 1,86,164 रही। सुजूकी मोटरसाइकल इंडिया ने 1,01,071 वाहनों की बिक्री के साथ पिछले वर्ष की तुलना में 38.05 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की।
सायम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा, उद्योग में सकारात्मक मनोबल बरकरार है। यात्री वाहन, दोपहिया और तिपहिया ने फरवरी 2026 में अब तक की सबसे अधिक बिक्री दर्ज की है। इसमें फरवरी 2025 की तुलना में दो अंकों की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा, मार्च महीने में देश के कई हिस्सों में त्योहारों का माहौल रहता है, लेकिन पश्चिम एशिया की जंग आपूर्ति श्रृंखला के दृष्टिकोण से चिंता की बात है। इस लड़ाई से विनिर्माण और निर्यात पर असर पड़ सकता है।
कार विनिर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज इंडिया मुद्रा की अस्थिरता और बढ़ती लागत के प्रभाव को कम करने के लिए अप्रैल से अपने वाहन की कीमतों में लगभग दो प्रतिशत की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) ब्रेंडन सिसिंग ने कहा, ‘1 अप्रैल से हम अपने सभी मॉडल की कीमतों में करीब दो प्रतिशत की मूल्य वृद्धि लागू करेंगे।’
उन्होंने बताया कि यह फैसला मुख्य रूप से मुद्रा में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव, खासकर रुपये के यूरो के मुकाबले लगातार कमजोर होने और लागत बढ़ने के कारण लिया गया है।
गुरुवार को ऑडी ने भी घोषणा की थी कि वह बढ़ती लागत और रुपये में उतार-चढ़ाव का आंशिक असर कम करने के लिए अप्रैल से भारत में अपने सभी मॉडल कीमतों में दो प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करेगी।