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2 लाख कारों की वेटिंग, मारुति सुजूकी बढ़ाएगी उत्पादन क्षमता: आरसी भार्गव

मारुति सुजूकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा कि हमारे पास 2 लाख कारों की प्रतीक्षा सूची है और हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इसकी आपूर्ति कर देंगे

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सुरजीत दास गुप्ता   
Last Updated- April 20, 2026 | 11:03 PM IST

देश की प्रमुख कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजूकी 2 लाख से अधिक कारों की प्रतीक्षा सूची को देखते हुए आपूर्ति बढ़ाने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ा रही है। इस प्रतीक्षा सूची में ज्यादातर छोटी कारें हैं।

बिज़नेस स्टैंडर्ड से बात करते हुए मारुति सुजूकी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा, ‘हमारे पास 2 लाख कारों की प्रतीक्षा सूची है और हमें उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में इसकी आपूर्ति कर देंगे। ऐसा करने के लिए हम अपना उत्पादन बढ़ा रहे हैं, जिसमें हरियाणा के खरखौदा में 2.50 लाख कारों का उत्पादन और गुजरात संयंत्र में 2.50 लाख कारों का उत्पादन शामिल होगा। यह काम धीरे-धीरे किया जाएगा और 2026-27 के अंत तक यह आंकड़ा 5 लाख कारों तक पहुंच जाएगा।’

भार्गव ने बताया कि इन कारखानों की असेंबली लाइनों में एक मॉडल से दूसरे मॉडल में शिफ्ट होने की सुविधा है जो उन्हें प्रतीक्षा सूची वाली छोटी कारों की बड़ी मांग को पूरा करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में हमारे डीलरों के पास केवल एक सप्ताह की जरूरत भर का स्टॉक है जबकि सामान्य तौर पर स्टॉक 30 दिन का होता है।’निर्यात से शुरुआत करने के बाद कंपनी ने ई-विटारा को घरेलू बाजार में उतारा है।

ऐसे में इले​क्ट्रिक कारों के बारे में मारुति की योजना के बारे में पूछे जाने पर भार्गव ने कहा, ‘सेल आयात किए जाने के कारण इलेक्ट्रिक कारों में कुल आयातित पुर्जे 50 फीसदी से अधिक हैं इसलिए हम उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं हैं। लेकिन हम देश में बैटरियों को पैकेज करने की योजना बना रहे हैं जिससे समग्र आयात सामग्री कम हो जाएगी और पीएलआई से जुड़ी चुनौती का समाधान हो जाएगा।’

भार्गव ने बताया कि सरकार के छोटी कारों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कम करने के फैसले से इस सेगमेंट को जबरदस्त बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा, ‘कई लोगों ने चिंता जताई थी कि जीएसटी में कमी से सरकारी राजस्व में कमी आएगी लेकिन कटौती के बावजूद उन पर कोई असर नहीं पड़ा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि छोटी कारों की बिक्री बढ़ी है। वित्त वर्ष 2026 में हमारी बिक्री में 70 फीसदी हिस्सेदारी इन्हीं कारों की थी।’

अमेरिका-ईरान युद्ध के प्रभाव और भारतीय वाहन उद्योग पर इसके प्रभाव के बारे में भार्गव कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि अगले एक महीने में तस्वीर साफ हो जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट है कि स्टील जैसे कच्चे माल की कीमतें बढ़ेंगी और कार बनाने की समग्र लागत में भी इजाफा होगा। इसलिए लाभप्रदता को सावधानीपूर्वक देखने की आवश्यकता होगी। हालांकि मांग बढ़ती रहेगी।’

First Published : April 20, 2026 | 10:24 PM IST