मारुति सुजूकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2027 के पहले दो महीनों में मिनी-कारों यानी छोटी कारों की बिक्री में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। इसकी वजह यह है कि उत्पादन की रुकावटें कम होने से गाड़ियों की उपलब्धता बेहतर हुई है, जबकि ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण सीएनजी वाले वाहनों की मांग बढ़ी है।
मिनी सेगमेंट में अप्रैल-मई 2026 में बिक्री पिछले साल के मुकाबले 147 प्रतिशत बढ़कर 32,341 वाहन हो गई। यह एक साल पहले 13,108 वाहन थी। इस सेगमेंट में ऑल्टो और एस-प्रेसो मुख्य रूप से शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने मई में भी शानदार वृद्धि दर्ज की। मिनी सेगमेंट में बिक्री 140 प्रतिशत बढ़कर 16,275 वाहन हो गई।
कॉम्पैक्ट और मझोले आकार की यात्री कारों के सेगमेंट में बिक्री 32 प्रतिशत बढ़कर 81,555 वाहन हो गई, जो पहले 61,960 थी। इस सेगमेंट में वैगनआर, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर जैसे मॉडल शामिल हैं।
अप्रैल में मिनी-सेगमेंट की बिक्री में लगभग 154 प्रतिशत की उछाल आई और यह एक साल पहले के 6,332 वाहन से बढ़कर 16,066 हो गई। कॉम्पैक्ट और मिड-साइज कारों की बिक्री 30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80,659 वाहन तक पहुंच गई। अप्रैल में यात्री कारों की बिक्री 96,000 का आंकड़ा पार कर गई और मई में भी यह 97,000 से ऊपर रही।
मारुति सुजूकी के वरिष्ठ कार्याधिकारी (मार्केटिंग और सेल्स) पार्थ बनर्जी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम बार-बार यह कहते रहे हैं कि छोटी कारों का एक बहुत बड़ा बाजार है। लेकिन पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हमें उत्पादन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अगर हमारे पास वह उत्पादन क्षमता होती, तो हम चौथी तिमाही के मुकाबले ज्यादा गाड़ियां बेच पाते।’