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मई में यात्री वाहनों की बिक्री में 25.4% की जोरदार बढ़ोतरी, SUV और EV मांग में तेजी जारी

इससे पता चलता है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देसी बाजार में यात्री वाहनों की मांग बरकरार है

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दीपक पटेल   
Last Updated- June 01, 2026 | 10:57 PM IST

घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री मई में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 25.4 फीसदी बढ़कर 4,40,000 वाहन हो गई। इससे पता चलता है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच देसी बाजार में यात्री वाहनों की मांग बरकरार है।

देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता मारुति सुजूकी की घरेलू बिक्री 40 फीसदी बढ़कर 190,337 वाहन हो गई। कंपनी वरिष्ठ कार्याधिकारी (बिक्री एवं विपणन) पार्थ बनर्जी ने इसका श्रेय उत्पादन में सुधार, सभी श्रेणी में दमदार मांग और व्यापक बाजार पहुंच को दिया।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि खरखोदा कारखाना चालू होने से आपूर्ति संबंधी बाधाओं को दूर करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, ‘हम हमेशा से कह रहे थे कि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हम वाहनों की कमी से जूझ कर रहे थे।’ उन्होंने कहा कि मारुति की बिक्री संबंधी पहल ग्रामीण बाजारों में विस्तार और मिड-एसयूवी श्रेणी की वृद्धि में योगदान दे रही है।

बनर्जी के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे हाल के सप्ताहों में इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी मॉडलों की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। कंपनी को मई में इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा के लिए 4,000 से अधिक बुकिंग मिली जो अप्रैल में प्राप्त बुकिंग के मुकाबले लगभग दोगुनी है। बनर्जी ने कहा कि ई-विटारा के उत्पादन में कमी अगस्त-सितंबर के आसपास इसके उत्पादन बढ़ने तक जारी रहेगी।

पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद सीएनजी वाहनों की मांग में भी तेजी आई है। यही कारण हौ कि सीएनजी वाहनों की दैनिक बुकिंग में लगभग 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि मांग को पूरा करने के लिए कंपनी सीएनजी किट का उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रही है।

बनर्जी ने आगाह किया कि ईंधन की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव वाहन उद्योग के लिए चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘जाहिर तौर पर अगर इतनी चुनौतियां होंगी तो सभी श्रेणियों में बिक्री पर उसका प्रभाव पड़ेगा।’ उन्होंने कहा कि ईंधन की ऊंची लागत प्रीमियम श्रेणी के ग्राहकों के मुकाबले प्रवेश स्तर के कार खरीदारों को अधिक प्रभावित करती है। मगर सीएनजी वाहनों की ओर बदलाव इसे कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।

मारुति ने हाल में कई महीनों तक लागत संबंधी दबाव को खुद झेलने के बाद वाहनों की कीमतें बढ़ाईं। बनर्जी ने कहा कि कंपनी ने मुद्रास्फीति में तेजी और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने के बावजूद पहले कीमतें बढ़ाने से परहेज किया था। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अपने वाहनों की लागत का एक हिस्सा ग्राहकों के कंधों पर डालने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।’

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री मई 59,090 वाहन रही जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 42.2 फीसदी अधिक है। कंपनी ने कहा कि वह अब भारतीय यात्री वाहन बाजार में दमदार बिक्री रफ्तार के साथ दूसरे स्थान पर है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने महीने के दौरान 58,021 वाहनों की बिक्री के साथ 10.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। मगर मई में दर्ज यह वृद्धि उसके मुकाबले कम है जो कंपनी ने 2026 के पहले तीन महीनों में दर्ज की थी।

एमऐंडएम के मुख्य कार्याधिकारी (ऑटोमोटिव डिवीजन) नलिनीकांत गोलागुंटा ने कहा, ‘मई में हमने 58,021 एसयूवी वाहनों की बिक्री दर्ज की है जो 11 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है। हमारे पोर्टफोलियो में मांग लगातार बनी हुई है। मगर कुछ आपूर्तिकर्ताओं के यहां श्रम बल के अभाव में आपूर्ति श्रृंखला संबंधी चुनौतियों के कारण से बाधित है।’

First Published : June 1, 2026 | 10:57 PM IST