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ऑटो सेक्टर में रफ्तार बरकरार: फरवरी में PVs बिक्री 10.6% बढ़ी, युद्ध ने बढ़ाई टेंशन

फरवरी में PVs, 2W और 3W तीनों कैटेगरी की बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से सप्लाई चेन और निर्यात पर असर की आशंका बनी हुई है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 13, 2026 | 2:43 PM IST

SIAM auto sales February 2026: घरेलू बाजार में पैसेंजर व्हीकल्स (PVs) की थोक बिक्री फरवरी में सालाना आधार पर 10.6 फीसदी बढ़कर 4,17,705 इकाई हो गई। एक साल पहले फरवरी 2025 में यह 3,77,689 इकाई थी। उद्योग संगठन सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। फरवरी में बिक्री बढ़ने की मुख्य वजह यूटिलिटी वाहनों की मजबूत मांग रही। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष उद्योग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

यूटिलिटी वाहन बिक्री में तेज वृद्धि

फरवरी में यूटिलिटी वाहनों की बिक्री 13.5 फीसदी बढ़कर 2,36,957 हो गई, जबकि फरवरी 2025 में यह 2,08,795 थी। हालांकि PVs की बिक्री में हल्की गिरावट देखी गई। फरवरी में यह 3.8 फीसदी घटकर 1,06,799 रह गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 1,10,966 थी।

वहीं, वैन की बिक्री में मामूली बढ़त रही। फरवरी में वैन की थोक बिक्री 1.1 फीसदी बढ़कर 11,620 हो गई, जो एक साल पहले 11,493 थी।

2W की बिक्री में बड़ी छलांग

फरवरी में 2Ws की बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला। इस कैटेगरी की थोक बिक्री 35.2 फीसदी बढ़कर 18,71,406 हो गई, जबकि फरवरी 2025 में यह 13,84,605 थी। मोटरसाइकिल की बिक्री 30.8 फीसदी बढ़कर 10,96,537 हो गई, जो पिछले साल इसी महीने 8,38,250 थी।

स्कूटर की बिक्री में और भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह 42.3 फीसदी बढ़कर 7,29,774 हो गई, जबकि फरवरी 2025 में यह 5,12,783 थी।

3Ws की बिक्री भी बढ़ी

फरवरी में 3Ws की थोक बिक्री 29 फीसदी बढ़कर 74,573 हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 57,788 थी। सियाम के महानिदेशक राजेश मेनन ने कहा कि ऑटो उद्योग में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। फरवरी 2026 में PVs, 2W और 3W तीनों कैटेगरी की बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर रही और पिछले साल की तुलना में डबल डिलिट ग्रोथ दर्ज की गई।

पश्चिम एशिया युद्ध से बढ़ी चिंता

राजेश मेनन ने कहा कि मार्च में देश के कई हिस्सों में त्योहारी मांग का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष उद्योग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि अगर तनाव बढ़ता है तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात पर असर पड़ सकता है। इंडस्ट्री फिलहाल भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर करीब से नजर रखे हुए है।

PTI इनपुट के साथ

First Published : March 13, 2026 | 2:43 PM IST