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भारत पर रेनो का बड़ा दांव: 2030 तक उतारेगी 7 नए मॉडल, टॉप-3 बाजार बनने का लक्ष्य

ये सात वाहन दो पूरक प्लेटफार्मों - आरजीईपी और आरजीएमपी पर आधारित होंगे। इन्हें सबसे पहले भारतीय बाजार में उतारा गया था

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शाइन जेकब   
Last Updated- April 16, 2026 | 10:52 PM IST

रेनो ग्रुप ने गुरुवार को कहा कि कंपनी भारत को वैश्विक स्तर पर अपने शीर्ष तीन बाजारों में लाने का लक्ष्य बना रही है। इस कार्य योजना के तहत फ्रांस की वाहन विनिर्माता साल 2030 तक सात नए मॉडल उतारेगी। वह वाहन, अनुसंधान एवं विकास (आरऐंडडी) तथा पुर्जों के 2 अरब यूरो के वार्षिक निर्यात का लक्ष्य कर रही है।

कंपनी ने कहा कि वह भारत में 5 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य बना रही है। रेनो ग्रुप के मुख्य कार्य अधिकारी फ्रांस्वा प्रोवोस्ट ने कहा, ‘भारत में हमारी बड़ी महत्त्वाकांक्षा है – इसे रेनो ब्रांड के दुनिया भर के शीर्ष 3 बाजारों में से एक बनाना। इसे हासिल करने के लिए हम भारत में अपने सबसे बड़े मॉडल नवीनीकरण के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। हम नई गाड़ियां लाएंगे, जिससे 2030 तक हमारे पोर्टफोलियो में सात मॉडल हो जाएंगे।’

प्रोवोस्ट ने यह भी कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार करार के बावजूद यूरोप से या यूरोप को निर्यात करना कंपनी की भारत की रणनीति का हिस्सा नहीं है।

साल 2030 तक कुल सात गाड़ियों वाले पोर्टफोलियो तक पहुंचने के लिए चार वाहन तैयार हैं। इनमें रेनो डस्टर भी है, जिसका अनावरण जनवरी 2026 में किया गया था और इसने पहले ही भारतीय ग्राहकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है।

फ्यूचरेडी की घोषणाओं के तहत समूह ने ब्रिजर कॉन्सेप्ट भी पेश किया। यह एक नई बी-श्रेणी वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी की झलक देता है, जो एक इलेक्ट्रिक संस्करण के साथ-साथ वास्तव में मल्टी-एनर्जी वाला वाहन है।

ये सात वाहन दो पूरक प्लेटफार्मों – आरजीईपी और आरजीएमपी पर आधारित होंगे। इन्हें सबसे पहले भारतीय बाजार में उतारा गया था। इन दोनों को ही मल्टी-एनर्जी वाली अवधारणा के साथ डिजाइन किया गया है ताकि जरूरत के हिसाब से तेल-गैस इंजन और हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक इंजन प्रदान किए जा सकें।

First Published : April 16, 2026 | 10:47 PM IST