निजी पूंजीगत व्यय में लगेगा कुछ वक्त!
भारत सरकार जहां एक ओर नए बुनियादी ढांचे के निर्माण में पूंजीगत व्यय के रूप में 7.5 लाख करोड़ रुपये, जो अब तक की इसकी सर्वाधिक राशि है, खर्च करेगी, वहीं दूसरी ओर भारतीय कंपनियों द्वारा ताजा निवेश अब भी कुछ तिमाहियां दूर है, क्योंकि सरकार के ऑर्डर कुछ अंतराल में आएंगे। यह कहना है […]
बाजार में मजबूती से प्रतिभूति लेनदेन कर संग्रह में इजाफा
इक्विटी शेयरों और इनके डेरिवेटिव अनुबंधों की खरीद-बिक्री पर लगने वाला प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) सरकार के लिए बेहतर आय के स्रोत के तौर पर उभरा है। केंद्र सरकार इस वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में एसटीटी के तहत 20,000 करोड़ रुपये के संग्रह का अनुमान लेकर चल रही है। बाजार पूंजीकरण में उछाल […]
मॉरिशस के निवेशकों पर होगा असर
भारतीय कंपनियों में मॉरिशस से निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) बोनस अलग करने से नई कर व्यवस्था से प्रभावित होंगे। इस साल के बजट में कई अन्य प्रावधानों (सिर्फ अब तक म्युचुअल फंडों के लिए लागू) – शेयरों और रीट की यूनिट, इनविट और एआईएफ पर भी जोर दिया गया। इसका खासकर बड़े […]
सरकारी कंपनियां करेंगी 1.11 लाख करोड़ रुपये निवेश
सार्वजानिक क्षेत्र की ऑयल ऐंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) सहित अन्य सरकारी कपनियां वित्त वर्ष 2022-23 में 1.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। ओएनजीसी, आईओसी, गेल लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और ऑयल इंडिया लिमिटेड सामूहिक रूप से अगले वित्त वर्ष में 7.4 […]
आम बजट पर ब्रोकरों का नजरिया
बजट 2022 के प्रस्तावों को ज्यादातर ब्राकरेज कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इन ब्रोकरों का मानना है कि सरकार ने मांग बढ़ाने के लिए पूंजीगत खर्च के जरिये पर्याप्त रियायत दी है। यहां इस बारे में विस्तार से बताया जा रहा है कि उन्होंने इस बजट को किस नजरिये से देखा है और वे […]
भारतीय इक्विटी तेजी के दौर में गिरावट पर खरीदें : क्रिस वुड
बीएस बातचीत बजट 2022 को अच्छा बताते हुए जेफरीज में इक्विटी रणनीति के वैश्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड ने पुनीत वाधवा के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि बजट के नए प्रस्ताव वित्त मंत्री द्वारा पिछले साल (2021) के बजट के अनुरूप हैं। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश: बजट प्रस्तावों पर आपकी क्या […]
वैश्विक संकेतों, आम बजट से चढ़े बाजार
अनुकूल वैश्विक संकेतोंं और ज्यादा पूंजीगत खर्च की संभावना से देश की आर्थिक रफ्तार में मजबूती की उम्मीद में सूचकांक लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए। बेंचमार्क सेंसेक्स ने 695 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 59,558 पर कारोबार की समाप्ति की जबकि निफ्टी 203 अंकोंं के इजाफे के साथ 17,780 पर बंद हुआ […]
आम बजट में नहीं है 25 वर्ष का खाका
आर्थिक समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया था कि पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए पर्याप्त राजकोषीय गुंजाइश मौजूद है। थोड़ा उलझाऊ होने के बावजूद मैं इस बात को लेकर आशान्वित था। यदि यह सही साबित होता है तो इसका अर्थ यह है कि सरकार ने उस राजकोषीय संकट से निपटने का तरीका निकाल […]
जल संबंधी असुरक्षा मिटाने के लिए समग्र प्रयास जरूरी
खाद्य असुरक्षा दूर करने की दिशा में कुछ महत्त्वपूर्ण प्रगति हुई लेकिन जल असुरक्षा के बारे में यह बात नहीं कही जा सकती है। जल संकट लगातार गहरा होता जा रहा है। नवीकरणीय संसाधन होने के बावजूद पानी कई जगहों पर दुर्लभ हो चुका है। सरकारी थिंकटैंक नैशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (नीति) आयोग के […]
राजकोषीय बाधाएं
आम बजट में पूंजीगत व्यय के आवंटन में हुई बढ़ोतरी की सभी ने सराहना की है। अर्थव्यवस्था महामारी के बाद मची उथलपुथल से उबर रही है और निजी क्षेत्र निवेश करने का इच्छुक नहीं है क्योंकि मांग कमजोर है। ऐसे में आशा की जा रही है कि सरकार का पूंजीगत व्यय वृद्धि को गति देने […]
