मारुति ने बताया ब्रांड माइलेज
यात्री वाहन बनाने वाली अव्वल नंबर की कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने देश में बिकने वाले अपने सभी ब्रांडों के माइलेज की जानकारी देने का फैसला किया है। इसके तहत कंपनी ने बताया है कि उसका प्रत्येक ब्रांड एक लीटर ईंधन में कितने किलोमीटर की दूरी तय करता है।उसके मुताबिक मारुति 800 का माइलेज 16.1 […]
टाटा की कंपनियां बेचेंगी शेयर!
टाटा समूह की तमाम कंपनियों पर मंदी का असर पड़ रहा है और उन्हें नकदी जुटाने में दिक्कत हो रही है। समूह की कम से कम पांच कंपनियां कारोबारी विस्तार के लिए अतिरिक्त शेयर बेचकर रकम जुटाने की योजना बना रही हैं। इनमें इस्पात, ऑटोमोबाइल, होटल, बेवरीज और केमिकल कारोबार से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। […]
रूपहलॅ पदै का नया साल
नए साल की शुरूआत के साथ ही शुरू हो गया है बॉलीवुड का नया सफ र लेकिन कुछ यादें अब भी बाकी हैं। पिछले साल बॉलीवुड इंडस्ट्री का हाल कुछ खट्टा कुछ मीठा सा रहा। ‘सिंह इज किंग’ ने तो बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए। लेकिन बड़े बजट वाली फिल्म ‘लव स्टोरी […]
काल करे सो आज कर
यह बात तो साफ हो चुकी है कि अर्थव्यवस्था अगले कुछ दिनों में रफ्तार नहीं पकड़ सकती। ऐसे में सरकार पर ज्यादा राहत पैकेजों का दबाव अभी और बढ़ेगा। अब किसी भी दिन सरकार अर्थव्यवस्था के लिए दूसरे राहत पैकेज का ऐलान कर सकती है। वैसे, बुरी खबरों की बाढ़ भी तीसरे तिमाही के नतीजों […]
स्वतंत्र निदेशकों के पैरों में डाली जाएं जंजीरें
सत्यम विवाद की वजह से आज उसके स्वतंत्र निदेशक चर्चा का मुद्दा बन चुके हैं। उनमें से कुछ किसी भी तरह से खुद को सत्यम कंप्यूटर के बोर्ड की उन दो कंपनियों को खरीदने के फैसले से दूर रखने की कोशिश में लगे हुए हैं, जिनका ताल्लुक कंपनी के प्रवर्तकों से था। हालांकि, इस मामले […]
वक्त ने दिया है मौका, चूके नहीं सरकार
शहरों में रहने वाला भारतीय मध्य वर्ग इन दिनों जश्न मनाने की तैयारी में दिख रहा है। दरअसल, केंद्र में सत्तारुढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में एक बार फिर से कटौती करने की तैयारी में है।इससे पहले 6 दिसंबर को सरकार पहले ही पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये और […]
हर कदम पर एक इम्तिहान
सांप-सीढ़ी का खेल तो आपने बचपन में जरूर खेला होगा। जी हां, वही खेल, जिसमें सीढ़ी मिलते ही आप लक्ष्य के करीब पहुंच जाते हैं, पर पूरे रास्ते सांप डसने को तैयार खड़ा रहता है। बचते-बचाते खिलाड़ियों को आगे बढ़ना पड़ता है। कुछ ऐसा ही है हाल कॉरपोरेट जगत का भी। तमाम अड़चनों, बाधाओं को […]
पहली छमाही खराब, दूसरी से है थोड़ी-बहुत आस
वर्ष 2008 में मंदी की मार झेल चुकी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नए साल में भी संकेत बेहतर नहीं लग रहे हैं। खास तौर पर नए साल की पहली छमाही तक तो हालात सुधरने की गुंजाइश नजर नहीं आ रही है। वैश्विक मंदी के बाद भारतीय शेयर बाजार का जो हाल रहा, उसके नए साल […]
नए साल में नौ बातें, ला सकती हैं कई सौगातें
हालांकि ज्यादातर निवेशक वर्ष 2008 को याद भी नहीं करना चाहेंगे, लेकिन इसके बावजूद इस साल ने भविष्य के लिए कुछ बेहतर सपनों के बीज बोए हैं। वर्ष 2009 में निवेशकों या फिर बाजार में कारोबार कर रहे लोगों को उन बदलावों या चीजों से फायदा हो सकता है जिसकी अपेक्षा वे नहीं कर रहे […]
अभी तो आठ और बारह हजार के बीच ही झूलता रहेगा बाजार
नहीं रहेगी उठापटक वर्ष 2009 बाजार के लिए काफी मुश्किल भरा रहने वाला है, लेकिन 2008 की तरह बाजार में भारी उठापटक नहीं रहने वाली है। कार्पोरेट जगत के साथ अर्थव्यवस्था भी दबाव में रहने वाली है। सरकारी राहत पैकेज और ब्याज दरों में कमी का बाजार पर ज्यादा असर पढ़ने वाला नहीं है। जनवरी […]
