धमाकों ने रोक दिए रन
धमाके तो मुंबई में हुए, लेकिन उनकी गूंज लंदन तक सुनाई दी और सजा क्रिकेट के दीवानों को मिली। मुंबई में हुए हमले की वजह से आनन फानन में भारत और इंगलैंड के बीच जारी एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शृंखला के बचे हुए दो मैच रद्द कर दिए गए।इतना ही नहीं, अगले महीने दोनों टीमों के […]
पर्यटन के ताबूत की कील
आर्थिक मंदी के मार से जूझ रहे पर्यटन उद्योग के लिए मुंबई में हुए विस्फोटों ने मुश्किलें कई गुना कर दी हैं। माना जा रहा है कि भारत से बाहर जाने वाले और यहां आने वाले पर्यटकों की तादाद में इस हमले के बाद तेजी से गिरावट आएगी।पर्यटन कंपनियों को अंदेशा है कि दिसंबर में […]
लेखनी पहचानने का जोर पकड़ रहा है कारोबार
ऐसा कितनी बार होता है कि आप अपनी मीटिंग में या फिर अपने स्टडी नोट्स को देखकर यह कह उठते हैं, ‘अरे! यह मैंने क्या लिखा हुआ है कि मैं खुद ही इसको नहीं पढ़ पा रहा हूं?’ दरअसल, आप की खुद की लेखनी आपका धोखा दे जाती है। और जब आपके साथ ऐसा हो […]
विदेशी विज्ञापन एजेंसियों का जलवा
पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर कायम है। बावजूद इसके भारतीय विज्ञापन उद्योग की तरक्की से विदेशी एजेंसियों को यहां बेहतर भविष्य नजर आ रहा है। दुनिया की बड़ी मशहूर विज्ञापन एजेंसियां भारतीय बाजार में अपना पांव जमाने की कोशिश में लगी हुई हैं। इस महीने ही दो अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने मुल्क में […]
स्पैम मेल में भी आगे बढ़ रहा है भारत
स्पैम मेल भेजने के लिहाज से भी भारत तरक्की करता जा रहा है। इस सूची में भारत 10 वें पायदान पर पहुंच गया है। सिमेंटक कॉर्पोरेशन ने छिपी हुई अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में यह बात निकलकर सामने आई है कि जुलाई 2007 से जून 2008 के बीच देश […]
आईआईटी शिक्षकों के लिए कवायद
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी)में फैकल्टी की कमी के मद्देनजर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक प्रकोष्ठ(सेल) बनाने का फैसला किया है। यह सेल आईआईटी के निदेशकों को विदेश भेजकर दुनिया की बेहतरीन फैकल्टी का चयन करने में मदद करेगी। यह मंत्रालय इस सेल पर 10 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, बाद में इस रकम को […]
देना है मुंहतोड़ जवाब
इस साल एक भी ऐसा महीना नहीं गुजरा है, जब आतंकवादियों ने हमला न किया हो। वक्त के साथ-साथ उन हमलों की ताकत और उनमें मरने वाले लोगों की तादाद बढ़ती गई। अब वक्त आ गया है, जब देश को इसका मुंह तोड़ जवाब देना होगा। इस बात को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता […]
एक ऐसा सपना, जो नहीं हो सका पूरा
हमारे संविधान की नींव रखने वालों ने नीति-निर्देशक सिध्दांतों में कुछ खास लक्ष्यों को रखा था, लेकिन इन्हें अदालतों में अधिकार के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, ये सिध्दांत लोगों को इतने पसंद आए कि उन्हें संविधान का हिस्सा बनाने की मांग हमेशा से ही उठती आई है। चुनावों के दौरान […]
कुछ ऐसी हो सकती है मंदी के दर्द की दवा
वैश्विक वित्तीय संकट के संकेत एक साल से ज्यादा पहले से मिलने शुरू हो गए थे। लेकिन इसने सितंबर 2008 में गंभीर रूप ले लिया जब अमेरिका और यूरोप की वित्तीय संस्थाएं धराशायी होने लगीं और उन देशों की सरकारें और केंद्रीय बैंक उन्हें बचाने के लिए बेल आउट प्लान लेकर आने लगीं। 15 सितंबर […]
सीमेंस: धीमी होती चाल
इंजीनियरिंग फर्म सीमेंस के खराब सालाना नतीजों के कारण उसके शेयरों में एक ऐसे दिन भारी गिरावट देखने को मिली जब बाजार ने लगातार गिरावट के बाद सुधार का रुख दिखाया था। बुधवार को हुई 16 फीसदी गिरावट के बाद जनवरी से लेकर अब तक कंपनी का शेयर 76 फीसदी नीचे जा चुका है। यानी […]
